नरेन्द्र टंडन की नाराजगी का किस्सा पूरे दिन कुछ यूं चला जैसे किसी टीवी चैनल पर कोई धारावाहिक चल रहा हो। सबसे पहले किरण बेदी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट नरेन्द्र टंडन ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेज दिया।
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टंडन किरण बेदी के प्रचार प्रभारी के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन इस मामले में नाटकीयता उस वक्त आई जब भाजपा के मुख्यालय में अमित शाह से मुलाकात के बाद नरेन्द्र टंडन ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली भाजपा ने उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया। इस्तीफा स्वीकार करने और अस्वीकार करने के इस क्रम ने नरेन्द्र के इस्तीफे को एक ड्रामा बना दिया।
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हालांकि फिलहाल नरेन्द्र टंडन बीजेपी के सदस्य हैं अन्तत:जिसकी पुष्टि सतीश उपाध्याय ने कर दी है। इससे पहले सतीश उपाध्याय ने ही नरेन्द्र के इस्तीफे को स्वीकार करने का बयान भी दिया था।
भाजपा मुख्यालय जाकर वापस लिया इस्तीफा
आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने किरण बेदी से नाराज नरेन्द्र टंडन का मामला सुलझा लिया है। अचानक किरण बेदी के चुनाव प्रभारी के इस्तीफे का पत्र मिलते ही भाजपा हरकत में आ गई। शाह चाहते थे कि इस मामले को जल्द से जल्द खत्म कर दिया जाए। इसीलिए नरेन्द्र टंडन को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय बुलाया गया। टंडन के इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद आखिरकार उनके भाजपा मुख्यालय पहुंचने के साथ ही खत्म हो गया।
नरेन्द टंडन ने बीजेपी मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह से मुलाकात की और उसके बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया। टंडन के मुताबिक मैं थोड़ा सा भावुक हो गया था जिस वजह से मैने ये पत्र लिखा।
मैं अभी भी उसी तरह बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और पूरी निष्ठा के साथ भाजपा के लिए काम करता रहूंगा। टंडन के इस्तीफे की वापसी के बाद जहां एक ओर भाजपा को राहत जरूर मिल गई है,लेकिन अभी भी किरण बेदी को लेकर नाराजगी का दौर खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश के नेताओं में आन्तरिक रूप से अभी भी असंतोष जारी है।
बेदी के रवैये से नाराज होकर टंडन ने दिया था इस्तीफा
दिल्ली के सियायी चक्रव्यूह में उलझी भाजपा के लिए किरण बेदी एक बार फिर परेशानी का सबब बन गई हैं। किरण बेदी के रवैये से नाराज होकर भाजपा के एक पुराने नेता नरेंद्र टंडन ने इस्तीफा दे दिया था। नरेंद्र टंडन तीन दशक से भाजपा में काम कर रहे थे और फिलहाल किरण बेदी का प्रचार कार्य देख रहे थे।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लिखे पत्र में उन्होंने न केवल किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी, बल्कि उनके व्यवहार को भी खराब बताया । टंडन ने लिखा था कि किरण बेदी को हुक्म चलाने की आदत है। मैं पिछले तीन दशकों से बीजेपी की सेवा कर रहा हूं और दस साल से दिल्ली में पार्टी का कामकाज देख रहा हूं।
उन्होंने लिखा कि किरण बेदी के साथ मेरा काम करना मुश्किल है। उनका व्यवहार ठीक नहीं है। उनके सहयोगी हर मुद्दे पर मेरा अपमान करते हैं। उनका व्यवहार पिछले दस दिनों में और खराब हो गया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि पार्टी अगर चाहे तो मेरे आरोपों की जांच करा सकती है।
इस्तीफे के विवाद पर कुछ यूं बोले नेता
दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना ने टंडन के इस्तीफे पर कहा कि ये पहली बार नहीं है कि उन्होंने इस्तीफा दिया है वो ऐसा पहले भी कर चुके हैं। इस मामले पर तूल देने की जरुरत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में हमारी सीएम प्रत्याशी किरण बेदी को लेकर कोई भी दिक्कत नही है। हालांकि किरण बेदी से जब इस सवाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
वहीं दूसरी ओर इस मामले पर आम आदमी पार्टी के नेता योगेन्द्र यादव ने कहा कि मैं सिर्फ बीजेपी के लिए 'गेट वेल सून' कह सकता हूं। आपको बता दें कि बीजेपी में किरण को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी बनाए जाने से ही प्रदेश भाजपा में असंतोष का माहौल था।
भले ही भारतीय जनता पार्टी इस मामले पर किसी भी प्रकार को असंतोष से इंकार कर रही हो,लेकिन अन्य पार्टियों को नरेन्द्र टंडन के इस इस्तीफे से नया मुद्दा मिल सकता था।
आदरणीय अमित शाह जी अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी 11 अशोक रोड
मैं भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं पिछले लगभग 30 साल से बीजेपी से जुड़ा रहा हूं और पार्टी के विभिन्न पदों पर रहा हूं। लेकिन आज जिस तरह किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है, मैं उससे आहत हूं। जिस किरण बेदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर निर्ममता से डंडे बरसाए थे, ना जाने कितने कार्यकर्ताओं के सिर फटे, टांगे टूटी और वो किरण बेदी आज हम पर राज करेगी।
मैं पिछले 10 दिन से किरण बेदी के कार्यक्रम एवं सारे रूट देख रहा था और जिस तरह वो हम लोगों को डिक्टेशन दे रही थी वो असहनीय हो गया था। उनके सहयोगी बात-बात पर मुझे जलील करती थी मैंने 11 दिन पूरी मेहनत और लगन से काम किया। अब नहीं कर सकता और दूसरा दिल्ली के निर्लज संगठन मंत्री जो सिर्फ महिलाओं और पैसे में ही रुचि रखते हैं जैसे भ्रष्ट व्यक्ति को चार्ज सौंप दिया।
अध्यक्ष जी, आप अपनी जांच करवा लो, ये व्यक्ति क्या है आपको पता चल जाएगा।
आपका कार्यकर्ता
नरेंद्र टंडन प्रमुख किरण बेदी कार्यक्रम प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूर्व प्रदेश मंत्री पूर्व अधयक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ