दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी के लिए कई घोषणाएं और आम कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात कर प्रदेश भाजपा का माइलेज बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
प्रदेश भाजपा की तरफ से दिल्ली की मांगों की सूची पहले ही पहुंचाई जा चुकी है। हालांकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस स्थिति को भांपते हुए भाजपा के वायदे के अनुसार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की घोषणा करने की मांग कर दी है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना संभव नहीं दिखता।
हाल फिलहाल में चार राज्यों में हुए चुनाव के बाद इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं का अभिनंदन समारोह आज के कार्यक्रम को बताया जा रहा है, लेकिन चुनाव से पहले इसे दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का मोदी द्वारा शंखनाद माना जा रहा है।
वोटर्स को लुभाने के लिए एक मंच पर जुटेंगे मुख्यमंत्री
हरियाणा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में जनता और कार्यकर्ताओं को बताया जाएगा कि किस तरह से वंशवाद की परंपरा खत्म कर आम कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बना।
जम्मू-कश्मीर में सरकार न बनने पर वहां के बड़े नेता को मंच पर स्थान दिया जाएगा। दिल्ली चुनाव के लिए कोई भी सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट न करने का संकेत भी यहां से दिया जाएगा।
भाजपा सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के दिल्ली में रहने वाले लाखों वोटरों को रिझाने के लिए भी इन मुख्यमंत्रियों को दिल्ली के चुनाव से पूर्व लाने की रणनीति तैयार की गई है। संभव है कि हरियाणा से दिल्ली के पानी विवाद पर वहां के मुख्यमंत्री को पीएम निर्देश दें।
अवैध कॉलोनियों का रोडमैप भी हो सकता है शो में शामिल
दरअसल, प्रदेश भाजपा इससे पहले 895 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने सहित, लीज होल्ड प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने सहित कुछ घोषणाएं कर दिल्ली विधानसभा मध्यावधि चुनाव से पूर्व अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
लेकिन विपक्ष ने इन घोषणाओं पर कई सवाल खड़े किए। अब भाजपा की रणनीति है कि इन सभी घोषणाओं को मोदी के जरिये रखवाकर कुछ अन्य घोषणाएं कर वोटरों को रिझाने की कोशिश की जाए।
आम आदमी पार्टी का वोट बैंक झुग्गियों में ज्यादा माना जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा जहां झुग्गी वहां मकान के अलावा अनधिकृत कॉलोनियों का नियमित करने का रोड मैप भी मोदी के जरिये सामने ला सकती है।
क्या इन मुद्दों पर भी बोलेंगे मोदी
राजधानी में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर मोदी बोल सकते हैं। इसी तरह अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने में डेवलपमेंट चार्ज घटाने की घोषणा भी यहां संभव है।
बिजली-पानी पर केंद्र की मदद की घोषणा की जा सकती है। केंद्र सरकार के अब के कार्य का लेखा जोखा भी जनता के बीच रखा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल के दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के सवाल पर मोदी कुछ नहीं बोलेंगे, लेकिन 49 दिनों में उनके सरकार छोड़ने और अन्य कटाक्ष प्रधानमंत्री करेंगे। इसमें कुछ आप के मुद्दे भी अपनी घोषणा के जरिये भाजपा छीनने की कोशिश करेगी।