रुतबा दिखाने के लिए देती थीं वारदात
पूछताछ में दोनों ने एक दूजे की पोल पट्टी खोलना शुरू कर दिया और बताया कि महंगे स्मार्ट फोन, नए नए कपड़े, देर रात वीकेंड पार्टी में अपना रुतबा दिखाने के लिए इन दोनों ने महिला ग्राहकों के पर्स उड़ाना सबसे आसान समझा। कृष्णा नगर थाना पुलिस ने इन ननद भाभी की पहचान रामा गार्डन निवासी दयावती (23) और रीना (30) के रूप में की है। पुलिस ने इस जोड़े से एक पर्स और 10 हजार रुपये नकदी बरामद की है।
हवलदार ने पीछा कर दोनों को पकड़ा
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि 7 मई को शंकर नगर निवासी नितिका ने कृष्णा नगर से ई-रिक्शा लिया जिसमें कुछ दूर बाद दो अन्य महिलाएं सवार हुईं। इनके साथ एक बच्चा भी था। दोनों महिलाएं घोंडली चौक के पास ई-रिक्शा से उतर गईं। इस बीच नितिका को अहसास हुआ कि उसके हैंडबैग में रखा छोटा पर्स गायब है। शोर शराबा के बीच मौके पर पहुंचे हवलदार महेश ने पूरा मामला पूछा और पीछा कर दोनों महिलाओं को पकड़ लिया।
चोरी के बाद छिपा देती थी नकदी
ननद भाभी ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को निर्दोष बताने के लिए एक तरीका ढूंढ़ लिया। चोरी के बाद नकदी किसी ईंट और मिट्टी में दबा देती है और पर्स को किसी खाली जगह पर फेंक देती थीं। इस घटना में भी इन्होंने ऐसी ही चाल चली लेकिन पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो पता चला कि घोंडली चौक के पास एक ईंट के नीचे पॉलीथिन बैग में पैसे छिपा दिए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पर पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जिससे पता चलता है कि ये दोनों पहली बार रंगेहाथ पकड़ी गई हैं।