जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने के मामले में सीबीआई की अर्जी पर अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। दरअसल, सीबीआई ने कुछ छात्रों के पॉलीग्राफ जांच संबंधी अर्जी पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी दायर की है। हाईकोर्ट ने एक साल बाद भी नजीब का सुराग नहीं लगने पर सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई थी।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने इस पर सोमवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीबीआई ने जेएनयू के नौ छात्रों का पॉलीग्राफ जांच कराने की अर्जी पर 24 जनवरी 2018 के बजाय जल्द सुनवाई का आग्रह किया था।
बता दें कि सीबीआई से पहले पॉलीग्राफ जांच की अर्जी पर सीएमएम ने समन जारी कर छात्रों को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। वहीं, छात्रों की याचिका पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सीएमएम के आदेश को रद्द कर दिया था।
जेएनयू में एमएससी का छात्र नजीब 15 अक्टूबर 2016 से लापता है। उसकी मां ने प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उसे पेश करने की मांग की है। पहले इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही थी। हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद सीबीआई ने छात्रों की पॉलीग्राफ जांच कराने की अर्जी दायर की है जिस पर 24 जनवरी 2018 को सुनवाई होनी है।