शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक लोगों को पहुंचाने के लिए नगर निगम द्वारा शुरू की जाने वाली बस सेवाओं का परिचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इससे निगम पर न तो कोई आर्थिक भार पड़ेगा और न ही उसके देखभाल की जिम्मेदारी होगी। वहीं इसके बदले निगम की आमदनी में बढ़ोतरी जरूर होगी। यह प्रदेश का पहला शहर होगा, जहां पीपीपी मॉडल पर बस सेवाएं शुरू की जा रही है।
बता दें कि पिछले दिनों गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लि.(डिम्टस) के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत दिसंबर तक साइबर सिटी को 500 बसों की सौगात मिल जाएगी। अभी साइबर सिटी की परिवहन प्रणाली बदहाल है। लोगों को शहरी क्षेत्रों में आने जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रही हैं। कहने को तो हरियाणा रोडवेज की 50 सिटी बसें चलती हैं जिनमें से अधिकांश बसें खराब होकर डिपो के वर्कशॉप की शोभा बढ़ाती रहती हैं। इसके अलावा मिनी और बड़ी बसों को मिलाकर 60 निजी बसें भी विभिन्न रूटों पर चलती हैं। लेकिन वह भी नाकाफी है।
ऑटो के सहारे चल रही है शहर की परिवहन व्यवस्था
सरकार आज तक यहां की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत नहीं कर पाई है। विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाले करीब 30 से 32 हजार ऑटो के सहारे परिवहन व्यवस्था चल रही है। इसी के चलते ऑटो चालक मनमानी करते हैं और निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलते हैं।
कंपनी करेगी बसों का परिचालन
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि 500 बसों को चलाने के लिए मेट्रो की तर्ज पर मेट्रोपोलिटन गुरुग्राम सिटी बस सेवा के नाम से नई कंपनी बनाई जाएगी। इस कंपनी के जरिये ही बसों का रखरखाव और परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा। कंपनी सर्वे कर रही है कि किस रूट पर कितनी बसें चल सकती हैं। किस रूट पर कितना यात्रियों का दबाव है। क्या फ्रीक्वेंसी रखी जा सकती है। इस सुविधा के लिए नगर निगम पर कोई राजस्व का भार नहीं पड़ेगा। बल्कि यात्रियों से मिलने वाले किराए में से ही कुछ हिस्सा नगर निगम के खाते में आएगा। प्रदेश में गुरुग्राम पहला शहर होगा ,जहां पीपीपी मॉडल पर बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन रूटों पर नहीं है बस सेवाएं
-सेक्टर-38, सेक्टर 56, 57, पालम विहार, उद्योग विहार, डूडाहेड़ा, आईएमटी मानेसर, सोहना, भोंडसी, बादशाहपुर टीकरी, मालाहेड़ा, सेक्टर-22 आदि।
क्या कहते हैं शहरवासी
सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू होने से शहरवासियों को बहुत फायदा होगा। लोग आसानी से अपने गतंव्य तक पहुंच सकेंगे। साइबर सिटी में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की बहुत जरूरत है। शर्ते उसे बेहतर तरीके से संचालित किया जाए।
-नीरज कुमार, प्रधान आरडब्ल्यूए साउथ सिटी दो
बस सेवा शुरू होने से लोगों को ऑटों में धक्के खाने से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन निगम प्रशासन को इसके लिए 10-15 मिनट की सेवाएं उपलब्ध करानी होगी। बसें समय पर चले तो यात्री अधिक किराया देने के लिए भी तैयार हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू होने से शहरवासियों को फायदा होगा।
-वीबी ग्रोवर, प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर-56
-दिसंबर तक पीपीपी मॉडल पर बसों को शुरू करने की योजना है। इस पर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। कंपनी के अधिकारी रूटों और चलने वाले संभावित यात्रियों का सर्वे कर रहे हैं। इसमें निगम का पैसा नहीं खर्च होगा बल्कि आमदनी ही होगी। साइबर सिटी पहला शहर होगा जहां पीपीपी मॉडल पर ये सुविधा शुरू की जा रही है।
-गौरव अंतिल, संयुक्त आयुक्त नगर निगम एवं नोडल ऑफिसर