फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाभा जेल ब्रेक मामला : मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन गिरफ्तार 

Fri, 16 Dec 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीआईए, पटियाला, पंजाब की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए नाभा जेल तोड़ने के मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन को लाजपत नगर से गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता ने ही जेल के सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग की थी और पुलिसकर्मी से दो एसएलआर भी छीन ली थी। आरोपियों के कब्जे से तीन स्वचालित पिस्टल व 17 कारतूस बरामद किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन की  रिमांड पर लिया है। आरोपियों ने डकैती डालकर जेल तोड़ने के लिए पैसे व हथियारों को इंतजाम किया था। 
विज्ञापन


स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि चनप्रीत सिंह उर्फ चन्ना, पलविंदर सिंह उर्फ पेंडा, मनप्रीत शेखों उर्फ मन्नी, हेरी, बिक्कर समेत 14 बदमाश हथियारों से लैस होकर 27 नवंबर को चार कारों में सवार होकर पंजाब में स्थित नाभा जेल पहुंचे। इन्होंने जेल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया था।

जेल से केएलएफ चीफ हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू, कश्मीर सिंह समेत चार गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह शेखों, हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गोंडेर, कुलप्रीत सिंह उर्फ देओल उर्फ नीता और अमरदीप सिंह उर्फ दोस्तियन को छुड़ा लिया था। चनप्रीत उर्फ चन्ना ने जेल तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सुरक्षाकर्मियों से दो एलएसआर भी छीनी ली थी। हरमिंदर सिंह मिंटू 28 नवंबर को दिल्ली में पकड़ा गया था। 
विज्ञापन


हरमिंदर ने पूछताछ में बताया था कि जेल से भागे व जेल तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिल्ली में छिपे हो सकते हैं। सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिवकुमार को सूचना मिली थी कि नाभा जेल तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिल्ली के लाजपत नगर में छिपे हो सकते हैं। इसके बाद सीआईए, पटियाला के इंस्पेक्टर बिक्रमजीत सिंह के साथ मिलकर इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम ने लाजपत नगर से 14 दिसंबर को तीन आरोपियों को उस समय पकड़ लिया जब वह पंजाब वापस भागने की फिराक में थे। चनप्रीत सिंह उर्फचन्ना, हरजोत सिंह उर्फजोत और रंजीत सिंह कलकत के रूप में हुई। पेशे से टैक्सी ड्राइवर रंजीत सिंह ने इन दोनों को दिल्ली में शरण दी थी। इनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया है। 

चनप्रीत सिंह ने निभाई थी  महत्वपूर्ण भूमिका 
चनप्रीत सिंह व हरजोत सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने जेल तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जेल तोड़ने के बाद ये चंडीगढ़ फरार हो गए थे। रात में जब इनको पता लगा कि उनका साथी पलविंदर सिंह शामली, यूपी में पकड़ा गया है तो ये रंजीत के पास दिल्ली आ गए। ये फिर से पंजाब जाने की फिराक में थे। हरजोत जेल तोड़ने के समय मौके पर नहीं थी, मगर उसने जेल तोड़ने के लिए साजिश में भूमिका निभाई थी। 

पंजाब का मोस्ट वांटेड गैगस्टर है चन्ना
गर्दिवाल, जिला होशियारपुर पंजाब निवासी चनप्रीत सिंह पहली बार वर्ष 2011 में जेल उस समय गया था जब वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। पड़ोसी से झगड़ा होने पर वह आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद पड़ोसी की हत्या करने का प्रयास किया और फिर गिरफ्तार हुआ। इसने अपने चचेरे भाई प्रदीप के साथ मिलकर पंजाब के नामी गैंगस्टर निशान सिंह की हत्या कर दी थी। इसके बाद इसकी गिनती गैंगस्टरों में होने वाली थी। रोपड़ जेल में इसकी मुलाकात दूसरे गैंगस्टर विक्की गोंडेर से हुई थी। नाभा जेल तोड़ने में विक्की ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांव डाल्लेवाल थाना हरियाणा, जिला होशियारपुर पंजाब निवासी हरजोत सिंह पिता इंडियन आर्मी में थे। माता-पिता का देहांत होने के बाद ये मामा के पास रहने चला गया था। इसका बड़ा भाई अमरजीत सिंह चनप्रीत सिंह का दोस्त था। जेल तोड़ने केबाद चन्ना हरजोत के पास रहने लगा। रंजीत सिंह भी गांव दारापुर, होशियारपुर, पंजाब का रहने वाला है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें