हाईकोर्ट ने एलएलबी के छात्र सुशांत रोहिल्ला की खुदकुशी के मामले में टाल-मटोल वाली रिपोर्ट पेश करने पर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यह तक नहीं बताया गया है मामले की जांच कब तक पूरी होगी।
पेश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत रोहिल्ला के मित्र के पत्र के आधार पर सितंबर, 2016 में जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। मामले की सुनवाई मार्च, 2017 में हाईकोर्ट को सौंप दी गई थी। गौरतलब है कि सुशांत रोहिल्ला ने 10 अगस्त, 2016 को खुदकुशी कर ली थी। एमिटी लॉ स्कूल ने हाजिरी कम होने के कारण उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी थी।
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल व जस्टिस नजमी वजीरी की खंडपीठ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट बिल्कुल बेकार है। यह कैसी रिपोर्ट पुलिस ने दाखिल की है। इसमें वह हलफनामा भी नहीं लगाया गया है, जिसे लगाने का निर्देश कोर्ट ने 11 अक्तूबर को दिया था।