शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि बुधवार शाम को नवीन शाहदरा इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की छत पर रेत में दबा व्यक्ति का शव मिला था। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने घटना के बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की। साथ ही इमारत में काम करने वाले मजदूरों और ठेकेदार से पूछताछ की।
थाना प्रभारी अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान कर ली और फिर मुखबिरों के जरिए दो आरोपी आकाश और रानू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी आकाश ने बताया कि मृतक उसका साला राम सेवक है। इसके बाद पुलिस ने राम सेवक के परिजनों को हत्या के बारे में बताया।
जांच में पता चला कि राम सेवक मूलत: गांव चंदेली, टिकमगढ़ का रहने वाला था। वह दिल्ली के नवीन शाहदरा इलाके में अकेला किराये के मकान में रहता था और मजदूरी का काम करता था। परिवार में पत्नी संगीता, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। रिश्तेदार मिथुन ने बताया कि गत 20 अप्रैल को आकाश ने फोन कर राम सेवक को अपने पास काम करने के लिए बुलाया।
इसके बाद राम सेवक ने कुछ दिनों तक उसके साथ काम भी किया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आकाश व उसका दोस्त और राम सेवक एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। उसके बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव को रेत के अंदर दबा दिया।