लगातार 10वें दिन दिल्ली के प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की लंबी लाइनें दिखीं। अधिकारी बताते हैं कि इसकी बड़ी वजह संशोधित वाहन अधिनियम है। पीयूसी सर्टीफिकेट न होने पर अब दस हजार रुपये का जुर्माना है।
पहले यह पहली बार में एक हजार होता था। दस गुना जुर्माना बढ़ाने का असर पीयूसी केंद्रों पर देखा जा रहा है। अधिनियम लागू होने से पहले दिल्ली में औसत 10-12 हजार के बीच वाहन 940 पीयूसी केंद्रों पर पहुुंचते थे।
बीते दस दिन में यह आंकड़ा 50 हजार के करीब पहुंच गया है। इस बीच, करीब 4 लाख प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी हुए हैं। बीते शनिवार को सबसे ज्यादा 55,357 वाहन पीयूसी जांच कराने पहुंचे।