फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया(एफटीआईआई) के छात्र दीवार से सिर टकरा रहे हैं। इससे सिर्फ उनका नुकसान है छात्रों की सुनने वाला कोई नहीं है।
एफटीआईआई के लिए सही नीति बनाए जाने की आवश्यकता है। यह बात मंगलवार को नोएडा अमर उजाला संवाद में पहुंचे अभिनेता ओमपुरी ने कही। उनके साथ अभिनेता राजपाल यादव भी थे।
ओमपुरी ने कहा कि होना यह चाहिए कि एक मंच पर फिल्म उद्योग से जुड़ी नामवर हस्तियां मसलन श्याम बेनेगल, अदूर गोपालकृष्णन, गोविंद निहलानी को जज के तौर पर बिठाया जाए और संस्थान के छात्र जिस व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया जाए, उससे सीधे सवाल पूछें। जवाब के आधार पर फैसला हो कि वह व्यक्ति अध्यक्ष बनने लायक है या नहीं। ओमपुरी और राजपाल अभिनीति फिल्म ‘हो गया दिमाग का दही’ 16 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।
फिल्म में मिर्जा किशन सिंह जोसेफ का किरदार निभा रहे ओमपुरी ने बताया कि यह फिल्म पूरी तरह से हंसी-मजाक पर आधारित है। हंसना सभी के लिए लाभदायक है और हम लोगों को हंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
अपने किरदार के बारे में जानकारी देते हुए अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि फिल्म में उनका किरदार सब्जी में मसाले की तरह है जैसे सब्जी में स्वाद घोलने का काम मसाले का होता है फिल्म में उनका वैसा ही चरित्र है। इस अवसर पर फिल्म निर्देशिका फौजिया अर्शी, प्रोड्यूसर और स्क्रीन प्ले लेखक संतोष भारतीय के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।