सन् 1980 में अस्तित्व में आयी भारतीय जनता पार्टी का मेवात क्षेत्र में झंड़ा बुलंद करने वाले ओर कई नेताओं को लालबत्ती का इन्तजार है। इनकी कई पीढ़ियां जनसंघ और बीजेपी की विचारधारा को संयुक्त गुड़गांव-मेवात में फैलाने में गुजर गयी।
वैसे बीजेपी को मेवात में आगे बढ़ाने में बहुत सारे कार्यकर्ताओं और नेताओं का सहयोग रहा। खासबात अस्सी-नब्बे के दशक की है। जब मेवात में भाजपा का कोई नामलेवा नहीं था लोग नाम से ही नफरत करते थे।
उनमें से आज भी कुछ चेहरे जिन्दा हैं जिन्होंने पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचकर खड़ा किया। नगीना के वयोवृद्ध बीजेपी नेता डॉ. बशीर अहमद उस दौर में अकेले ऐसे मुस्लिम नेता हैं जो संगठन की स्थापना से ही जुडे़ हुए हैं।
उन्होंने सन् 1982 में पहली बार भाजपा के टिकट पर नूंह विधानसभा से चुनाव लड़कर मेव बाहुल्य क्षेत्र मेवात में पार्टी की नयी पौध तैयार की। तब उन्हें नगीना गांव से 2004 वोट मिले।
दिल्ली पार्टी हाईकमान के आदेश पर बशीर ने 1991 में दौबारा चुनाव लड़ा। उधर नूंह क्षेत्र से अकेले नरेन्द्र पटेल का परिवार कई पीढ़ियां बीजेपी पार्टी को उगाने में बीत गयी। आजकल नरेन्द्र पटेल बडे़ चेहरे के रूप में सामने हैं।
इसके बाद 1996 में तावडू विधानसभा क्षेत्र से कुंवर सूरजपाल ने चुनाव लड़कर चौधरी तैयब हुसैन व चौधरी खुर्शीद अहमद को हराकर पूरे प्रदेश में धाक जमायी। संयुक्त सरकार में उन्हें मंत्री ा बनाया गया।
आजकल उनके बेटे कुंवर संजय सिंह विधानसभा क्षेत्र में खासी पकड़ रखते हैं पार्टी में पदासीन हैं। पुन्हाना क्षेत्र का सबसे बड़ा चेहरा टिप्पर चन्द्र गर्ग को माना जाता है। उनका परिवार भी कयी पीढ़ियों से जनसंघ और बीजेपी का कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है।
वहीं पुन्हाना क्षेत्र के बडे़ चेहरे भानीराम मंगला ने पार्टी के टिकट पर फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र से 2009 में चुनाव लड़ा और करीब 3100 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
हाल में उन्हें हरियाणा गौसेवा आयोग का चेयरमैन बनाया गया। उनके चेयरमैन बनने से उनसे पहले पार्टी की सेवा करने वाले कई बुजुर्ग चेहरों पर खुशी है।