बिसाहड़ा मंदिर जिसका सौंदर्यीकरण कर रहे मुस्लिम कारीगर
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बिसाहड़ा कांड के बाद उपजे माहौल में हिंदू-मुस्लिम एकता की एक और मिशाल देखने को मिली। गांव के मंदिर का सौंदर्यीकरण करने के लिए मुस्लिम कारीगर जुटे हुए हैं।
दरअसल, गांव में शांति बनाए रखने के लिए मंदिर पर हवन यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के बाद बचे चंदे के पैसे से मंदिर का मरम्मत कराया जा रहा है। इस काम में मुस्लिम समुदाय के कारीगर लगे हुए हैं।
गांव बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या करने के बाद गांव में अशांति फैल गई थी। गांव में भाईचारे को बनाए रखने के लिए साध्वी हर सिद्धी गिरी ने गांव के मंदिर पर हवन यज्ञ, भंडारा और कथा का आयोजन किया, जिससे चंदा एकत्र होने के बाद 41 दिन तक रुद्राभिषेक यज्ञ चला।
साध्वी हर सिद्धी गिरी ने कहा कि यज्ञ और गांव में कथा करने के दौरान जो चंदा से धन एकत्र हुआ उससे भंडारा कराया। उससे बचे धन से मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। मंदिर पर सौंदर्यीकरण का कार्य मुस्लिम समुदाय के मुनीफ व जावेद कर रहे है। ग्रामीण इसे भाईचारे की मिशाल के तौर पर देख रहे हैं।