क्या आपको मालूम है कि कांग्रेस का चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी रही है। दिल्ली में कुल 42 विधानसभा होती थी, 1951 में जब दिल्ली में लोकसभा चुनाव हुआ तो महज तीन सीटें थी। 1989 में पहली बार दिल्ली इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल हुआ। ऐसी ही कुछ जानकारियां और उनके प्रमाण आपको कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में बनाए गए चुनाव संग्रहालय में।
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electoral museum
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से बनाए गए इस संग्रहालय का उद्घाटन मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने किया। इस संग्रहालय में 1930 से लेकर अब तक दिल्ली में हुए चुनावों और उसमें अपनाई गई प्रक्रियाओं का जिक्र किया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
संग्रहालय में पहली बार 1952 में इस्तेमाल किया गया बैलेट बॉक्स रखा गया है। मतगणना के दौरान प्रयोग होने वाली पिजन ट्रे भी रखी गई है। चुनाव के दौरान खिंची गई चुनाव प्रकिया की तस्वीरें भी लिखी है।
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इसके अलावा 1989 में पहली बार इस्तेमाल किया गया ईवीएम भी रखा गया है। प्रत्येक चुनाव में किस तरह से इसमें बदलाव हुआ वह सभी बदलती मशीनों यानि सबसे आधुनिक तकनीकी वाले ईवीएम विद प्रिंटर (वीवीपीएटी) भी रखा गया है। इसके अलावा लाइब्रेरी बनाई गई है। ऑडियो वीडियो हॉल के साथ बच्चों के लिए क्वेश्चन आंसर कार्नर भी बनाया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि इसमें ऐतिहासिक जानकारियां लोगों को मिलेगी। कई ऐसी बातें होगी जिसके बारे में लोगों को पता नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल हम स्कूली बच्चों, एजुकेशन समूहों को ही घूमने के लिए आमंत्रित करेंगे।
आम लोगों को आने के लिए ऑनलाइन समय लेकर आना होगा। इसके लिए अलग से वेब पोर्टल बनाने का काम चल रहा है। जल्द ही इसमें और जानकारियां साक्ष्यों के साथ जोड़ी जाएगी।