नजफगढ़ के एक युवक को रंगदारी व हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई। दोषी पेरोल जंप कर अवैध हथियारों की सप्लाई करने लगा। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने युवक को रिसीवर के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच स्वचालित पिस्टल व दस कारतूस बरामद किए गए हैं। रिसीवर के खिलाफ तीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
अपराध शाखा के डीसीपी डा. जॉय टर्की के अनुसार हवलदार विकास को 20 अक्तूबर को सूचना मिली कि तस्कर चंद्रजीत हथियार की सप्लाई करने नरेला आएगा। एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर आरोपी नजफगढ़ निवासी चंद्रजीत उर्फ योगेश उर्फ किशन बिहारी (31) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चंद्रजीत को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है।
पुलिस ने चंद्रजीत से पूछताछ के बाद उससे हथियार खरीदने वाले निलोथी निवासी आजाद मेहता (27) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पिस्टल बरामद की गई। उसने करीब छह महीने पहले चंद्रजीत से इस पिस्टल को 35 हजार रुपये में खरीदा था।
चंद्रजीत वर्ष 2006 में उद्योग विहार, गुरुग्राम में एक व्यक्ति को गोली मार दी थी। छह महीने बाद इसने शकरपुर इलाके में पैसे के विवाद केा लेकर एक व्यक्ति को गोली मार दी थी। वर्ष 2007 में ये सरस्वती विहार में एक्सर्टोशन व हत्या के मामले में पहले बार गिरफ्तार हुआ था। इस मामले में इसे उम्रकैद की सजा हुई थी। वर्ष 2015 में ये पेरोल जंप कर गया था।
इसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मुठभेड़ के बाद उसे वर्ष 2015 में गिरफ्तार कर लिया था। जेल में इसकी मुलाकात हथियार सप्लायर बिहार निवासी दीपक से हुई। जेल से बाहर आने के बाद दोनों मिले। दीपक ने इसे बंटी से मिलवाया। चंद्रजीत बंटी से हथियार खरीदकर सप्लाई करता था।