एनआरआई मुनिशरद जेटली (35) को भारत से इतना लगाव था कि वह चाहे जब यहां आ जाते थे। पिछले सप्ताह भी वह बिना बताए भारत आए थे। उनके पिता डॉक्टर शरद जेटली दिल्ली के इंपीरियल होटल से उन्हें अमेरिका के न्यूयार्क ले गए थे।
बृहस्पतिवार रात वे अमेरिका से फिर भारत आ गए और ताज होटल में ठहरे। परिजन उनके भारत लगाव से परेशान थे। चाणक्यपुरी थाना पुलिस उनके शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराएगी। इसके लिए पुलिस ने राममनोहर लोहिया अस्पताल को पत्र लिखा है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुनिशरद न्यूयार्क में एक यू-ट्यूब चैनल के हैड थे। उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक था। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। उनका छोटा भाई गूगल का एशिया हैड है।
मुनिशरद की मां देवमणि जिज्ञासु जेटली दिल्ली आ चुकी हैं। उनकी मां ने बताया कि वह चाहे जब भारत आ जाते थे। बृहस्पतिवार को वे परिजनों को बिना बताए भारत आ गए थे। यहां वे ताज पैलेस होटल के अपने कमरे में मृत पड़े मिले थे। शव पलंग से नीचे पड़ा हुआ था। वेटर रात साढ़े दस बजे कमरे में खाना लेकर आया था, मगर मुनिशरद ने दरवाजा नहीं खोला था। वेटर खाना वापस लेकर चला गया था।
परिजन अमेरिका से मुनिशरद को फोन कर रहे थे। उनके फोन नहीं उठाने पर परिजनों ने दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों को होटल में भेजा। कमरे का दरवाजा डुप्लीकेट चाबी से खोला गया तो मुनिशरद का शव मिला। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुनिशरद के कमरे से शराब की एक लीटर वाली दो बोतलें मिली हैं।
एक बोतल पूरी खाली थी, जबकि दूसरी आधी। इन बोतलों को मुनिशरद एयरपोर्ट से ही लेकर आए थे। माना जा रहा है कि मुनिशरद ने करीब डेढ़ बोतल शराब पी ली थी। उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। मुनिशरद जेटली का परिवार मूल रूप से यूपी के मथुरा का रहने वाला है।
इनका परिवार बहुत पहले न्यूयार्क अमेरिका चला गया था। मुनिशरद का जन्म भी अमेरिका में ही हुआ था। पुलिस मेडिकल बोर्ड से इसलिए पोस्टमार्टम करा रही है, ताकि बाद में कोई सवाल न उठ सके।