किसी भी कारण से बिजली आपूर्ति ठप होने पर शहर में पेयजल आपूर्ति निरंतर जारी रखने के लिए नगर निगम के सभी 22 पेयजल बूस्टरों पर डीजल जनरेटर लगाए जाएंगे।
यह बात विधायक उमेश अग्रवाल ने जलापूर्ति करने वाले अधिकारियों को शीघ्र इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के दौरान कही। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहर में चार स्थानों पर नये पेयजल बूस्टर बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाना है।
इसके लिए विधायक अग्रवाल ने नगर निगम के कंसल्टेंट विरेंद्र सैनी और जलापूर्ति विभाग के एसडीओ राजेंद्र यादव को अपने कार्यालय तलब कर उनसे योजना पर अब तक हुए काम की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि इस वर्ष आंधी की वजह से कई जगह कुछ समय के लिए बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी बाधित रही।
विधायक ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए निगम के सभी 22 बूस्टर स्टेशनों पर डीजल जनरेटर लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनहित के इस काम को तुरंत अमलीजामा पहनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर एस्टीमेट तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगली गर्मियों से पहले शहर में कहीं भी टैंकर से पानी की आपूर्ति न करनी पडे, इस योजना पर भी अभी से काम शुरू कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से बूस्टर तक आने वाली पाइप लाइन की क्षमता भी बढाई जानी जरूरी है।
जरूरत हो तो कुछ बूस्टरों के लिए अलग से भी नई लाइन डाली जा सकती है। मुख्यमंत्री ने जिन बूस्टरों की घोषणा की थी, उन पर शीघ्र काम शुरू कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने द्रोणाचार्य कॉलेज के निकट बनने वाले बूस्टर की क्षमता 20 लाख गैलन, तूडा मंडी में बनने वाले बूस्टर की क्षमता 10 लाख गैलन और सेक्टर-7 एक्सटेंशन व गोशाला मैदान में बनने वाले बूस्टर की क्षमता साढे 4.5-4.5 लाख गैलन रखने की बात कही।