नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह का कहना है कि नगर निगम का मकसद बर्तन बैंक बनाकर पैसा कमाना नहीं, बल्कि जागरूकता लाकर शहर को प्लास्टिक फ्री बनाना और लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना है।
भंडारे, शादी के लिए लोग बर्तन खरीद नहीं सकते हैं, ऐसे में नगर निगम उन्हें बर्तन देगा। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि समारोह में प्रतिबंधित प्लास्टिक या थर्मोकोल की क्रॉकरी, गिलास आदि का इस्तेमाल न हो। बर्तन वापस लौटाने पर लोगों को उनकी सिक्योरिटी मनी लौटा दी जाएगी।
कई निजी संस्थाओं से भी शुरू कराए जाएंगे बर्तन बैंक
नगर निगम ने प्रतिबंधित प्लास्टिक की प्लेट, गिलास, चम्मच, दोने के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाकर कई निजी और धार्मिक संस्थाओं से भी बर्तन बैंक की शुरूआत कराई है।
कई धार्मिक स्थलों में अब स्टील के बर्तन खरीद लिए गए हैं। कुछ ऐसी संस्थाएं भी सामने आई हैं जो अपने पैसों से बर्तन खरीदकर कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों को निशुल्क इस्तेमाल के लिए दे रही हैं।