काॅलोनी निवासी रामवतार ने बताया कि सुबह होने पर इलाके के निवासी छतों से उतरकर सुरक्षित स्थानों पर जाने शुरू हुए। प्रशासन के आग्रह के बाद उन्होंने घर छोड़ना शुरू किया। शुभराम नेे बताया कि सुरक्षित स्थानों पर दोपहर तक उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली। काॅलोनी में नेताओं के आने के बाद चाय-पानी, खाना मिला। कांता ने बताया कि सैकड़ों लोगों का सामान पानी के कारण खराब हो गया।
दिल्ली सरकार ने बनावा में टूटी मुनक नहर सही करने के लिए हरियाणा सरकार से प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए नहर के गेट बंद करने का अनुरोध किया है। साथ ही, नहर में आने वाला पानी पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ने का आग्रह किया है। दिल्ली सरकार ने नहर की मरम्मत करने का कार्य शुरू कर दिया है। नहर के टूटे हिस्से को सही करने के लिए मिट्टी से भरे बोरे डाले जा रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी भी डाली गई है। मिट्टी से बोरे भरे लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार की शाम तक नहर सही होने की बात बताई जा रही है।
पहली बार वर्ष 1998 में टूटी थी नहर
दिल्ली में पहले पश्चिमी यमुना नहर से हरियाणा से पानी आता था। यह नहर कच्ची होने से काफी पानी बर्बाद होता था। इस कारण करीब दो दशक पहले इसके साथ मूनक नहर बनाई गई। मुनक नहर के निर्माण से पहले वर्ष 1998 में पश्चिमी यमुना नहर बादली में टूटी थी। यहां नाले के ऊपर नहर के बने पुल का एक हिस्सा टूट गया था।
काॅलोनी से पानी निकालना शुरू किया
डीडीए ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर बवाना जेजे कालोनी से पानी निकालने की कवायद शुरू कर दी है। एनडीआरफ, एमसीडी, एसडीएम नरेला, दिल्ली जल बोर्ड मिलकर कार्य कर रहे हैं। यहां जेसीबी, डिवाटरिंग पंप, पेयजल के टैंकर और मोबाइल शौचालय आदि उपलब्ध कराए गए हैं।
सांसद और विधायक ने इलाके का किया दौरा
बवाना में नहर टूटने व जेजे कालोनी में पानी भरने की सूचना मिलते ही इलाके के सांसद योगेंद्र चांदोलिया सुबह करीब नौ बजे प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंच गए। उन्होंने पानी में घुसकर काॅलोनी का दौरा किया और लोगों से सुरक्षित इलाके में जाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कालोनी में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने के लिए दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीडीए ने कई साल पहले यह कॉलोनी दिल्ली सरकार को दी थी। काॅलोनी में सीवर और पानी की लाइन डालने के लिए डीडीए ने करोड़ों रुपये जल बोर्ड को दिए थे, लेकिन जलबोर्ड ने सीवर लाइन नहीं डाली है। यहां पानी निकासी की व्यवस्था होती तो बाढ़ नहीं आती। इलाके के विधायक जयभगवान भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि नहर को सही किया जा रहा है और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।