जेल से रिहा होने के बाद आरोपियों ने कहा कि वह बेगुनाह हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस को दोषी ठहराया।
अधिकतर आरोपी जेल से रिहाई के बाद अपने-अपने घर पहुंचे। जिसके बाद परिजनों में खुशी का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार गांव महाब निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतू फौजी जेल से रिहा होकर सीधा कश्मीर में अपनी तैनाती स्थल की ओर रवाना हो गया। उनसे संपर्क नहीं हो सका है। जबकि, महाब गांव निवासी राजकुमार का कहना है कि उनके खेत में गोवंश के अवशेष होने पर स्वयं पुलिस को सूचना दी गई थी। लेकिन, पुलिस ने उल्टे उन्हें भी मुल्जिम बना दिया।
चिंगरावठी पुलिस चौकी पर घटना के समय वे मौजूद नहीं थे। राजकुमार का कहना है कि उन्हें न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है। इस घटना के आरोपी व ग्राम चिंगरावठी निवासी हेमू गुर्जर का कहना है कि जिस समय चिंगरावठी पुलिस चौकी पर ये घटना घटित हुई उस समय वह अपने खेतों में गन्ने कह फसल काट रहे थे। उसके घटना में शामिल होने की कोई भी वीडियो पुलिस के पास नहीं थी।
पुलिस ने उसे फोन करके बुगरासी बुलाया था। पुलिस द्वारा इस केस में झूठा फंसाया गया है। भाजयुमो नेता शिखर अग्रवाल का कहना है कि पुलिस प्रशासन द्वारा जुल्म करने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। न्यायालय पर उन्हें पूर्ण भरोसा है कि सत्य की विजय होगी तथा मुकदमा भी बरी होगा।
शिखर का कहना है कि वह गोकशी का पुरजोर विरोध करेंगे। जहां गोकशी होगी वहां उसके विरोध में उनकी मौजूदगी रहेगी। ग्राम खाद मोहन नगर निवासी सौरभ का कहना है कि उसे निर्दोष फंसाया गया है। जिस समय सुमित को गोली लगी थी। उस समय उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद की गई। उनके परिवारीजन भी न्यायालय की कार्रवाई को न्याय पूर्ण बता रहे हैं।
स्याना बवाल कांड में पुलिस ने शुरूआती जांच के दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी माना था। लेकिन, पुलिस की जांच में यह तथ्य भी साफ हो गया था कि इंस्पेक्टर की हत्या में योगेश राज शामिल नहीं है।
योगेश पर राजद्रोह समेत विभिन्न धाराओं में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की थी। सूत्रों की मानें तो योगेश राज की भी जमानत याचिका पर जल्द हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद बेल मिल सकती है। जिसके बाद योगेश समेत संगठन के कई कार्यकर्ता भी बाहर आ जाएंगे।
पिस्टल का अभी नहीं लगा सुराग
चिंगरावठी कांड को साढे़ आठ माह से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन, पुलिस मामले में अभी तक तत्कालीन दिवंगत स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की लाइसेंसी पिस्टल को बरामद नहीं कर सकी है। बताया गया था कि इंस्पेक्टर की पिस्टल से इंस्पेक्टर और चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की मौत हुई थी।