माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए चयनित रेवाड़ी के बहादुर बेटे नरेंद्र की इस उम्मीद को पंख लगाने में जुटे हैं उनके साथी। नरेंद्र की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण उसने रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा से सहायता मुहैया कराने की गुहार लगाई।
दीपेंद्र ने मुख्यमंत्री और करनाल के सांसद से उसे आर्थिक सहायता मुहैया कराने की अनुशंसा कर दी।लेकिन नरेंद्र ने पैसे की कमी के चलते कदम पीछे खींचने का फैसला कर लिया।
लेकिन जब उसने यही बात अपने दोस्तों को बताई कि अभ्यास के दौरान उसे पैसे की जरूरत पड़ेगी, लेकिन उसके पास न घर में पैसा है और न ही अभी तक सरकारी मदद मिली है। साथ ही अभ्यास की तिथि सिर पर है ऐसे में वह इतनी राशि नहीं अचानक नहीं जुटा पाएगा।
बस फिर क्या था दोस्तों ने नरेंद्र के सपने को पूरा करने के लिए अपने स्तर पर राशि का प्रबंध करने की तैयार कर ली है।
पिछले दिनों द्रोणाचार्य कॉलेज में पढ़ने वाले नरेंद्र यादव का माउंट एवरेस्ट के साउथ फेस (8848 मीटर) पर चढ़ने के राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ।
रेवाड़ी जिला की कोसली खंड के गांव नेहरूगढ़ के रहने वाले नरेंद्र ने उत्तरकाशी की नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से इसका बेसिक और एडवांस कोर्स किया है। जिसमें वह देश भर में दूसरे स्थान पर रहा। इसी आधार पर उसका चयन एवरेस्ट फतेह के लिए किया गया।
नरेंद्र ने बताया कि दीपेद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद नवीन जिंदल को पत्र लिख मदद मुहैया कराने का आग्रह किया था, लेकिन अभी तक उसे किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े सभी कार्यकर्त्ताओं ने उसकी मदद के लिए पहल की है। एबीवीपी के सतीश कुमार, शमीम अहमद, गौरव, राहुल ठाकुर, दलजीत यादव, कर्मबीर कारौली, रुपिदमन मानेसर ने कहा कि कॉलेजों में विद्यार्थियों से संपर्क कर नरेंद्र के लिए सहायता राशि जुटाई जाएगी।
कॉलेज के गौरव को किसी कीमत पर कम नहीं होने दिया जाएगा। इन लोगों ने कहा कि नरेंद्र, प्रदेश का सबसे कम उम्र का पहला पर्वतारोही है। शिक्षकों से भी इसमें सहायता मांगी जाएगी। कुल 25 लाख रुपये की राशि विद्यार्थी अपने बूते एकत्रित करेंगे।