मोती नगर हादसे में फैक्ट्री मालिक का पार्टनर गिरफ्तार
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मोती नगर में पंखा बनाने वाली फैक्ट्री में धमाके के दौरान सात लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के पार्टनर सुमित गुप्ता (34) को गिरफ्तार कर लिया है। सुमित हादसे में घायल फैक्ट्री मालिक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर फैक्ट्री चला रहा था। पुलिस अंकित के ठीक होने का इंतजार कर रही है। उधर इस घटना में मृत दो युवकों के शवों का शनिवार को पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुमित रोहतक के काठमंडी का रहने वाला है। अंकित भी रोहतक का ही रहने वाला है। दोनों पार्टनरशिप में फैक्ट्री चलाते थे। मामले की जांच के दौरान फैक्ट्री में काफी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आयी है। सुमित के गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे फैक्ट्री से जुड़ी सारी जानकारी इक्कठा कर रही है। मसलन पुलिस उससे कर्मचारियों की जानकारी के साथ साथ उनको मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही पुलिस उससे फैक्ट्री की सुरक्षा मानकों के बारे में भी सवाल जवाब कर रही है। उधर पुलिस ने दीनदयाल अस्पताल में घटना में मरने वाले सुदर्शन पार्क निवासी अजय (22) और बसईदारापुर निवासी अजय (25) के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस हासिल करेगी सीलिंग नोटिस की जानकारी
पुलिस सुमित से इस बात की जानकारी हासिल कर रही है कि उसकी फैक्ट्री को सीलिंग की नोटिस मिली थी या नहीं। अब तक उसकी फैक्ट्री में किन किन विभागों के अधिकारी निरीक्षण कर चुके थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही इन कड़ियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।
अस्थि विसर्जन के लिए आर्थिक मदद मांग रहा है परिवार
सुदर्शन पार्क में रहने वाले अजय (22) के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। अजय के चाचा के बेटे अजय ने बताया कि परिवार ने पंजाबी बाग श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन उनके पास अब इतने पैसे भी नहीं बचे हैं कि वह उसके अस्थि का विसर्जन कर सके। इसके लिए वह अपने रिश्तेदारों और परिचित से रुपये मांग कर रहे हैं। अजय ने बताया कि उनका परिवार काफी गरीब है और मजदूरी कर अपना जीवकोपार्जन करता है। ऐसे में आर्थिक मदद मिलने के बाद ही वह अजय के अस्थि का विसर्जन कर पाएंगे।
देर से पहुंचने के कारण नहीं हो सका अन्य मृतकों का पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों के शवों की शिनाख्त करने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे के बाद मृतकों के परिजन पहुंचने लगे थे। लेकिन समय अधिक होने के कारण पांच शवों का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में राजेश और उसके छह साल के बेटे हंसू की मौत हो चुकी है। जबकि उसकी पत्नी मंजू का इलाज चल रहा है। ऐसे में उसके परिवार वालों के आने के बाद ही उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।