'डॉक्टर देखने नहीं आ रहे'
यहां के हालात बेकार हैं। डॉक्टर सुनने को राजी नहीं हैं। इमरजेंसी के अंदर एक बेड पर दो-तीन मरीजों को लिटाया जा रहा है। मरीज पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डॉक्टर देखने नहीं आ रहे हैं। एक बेड पर मरीज के साथ अगर कोई दूसरा मरीज लेटेगा तो क्या वह बीमार नहीं होगा। मगर, डॉक्टर सुनने को राजी नहीं हैं। एक बेड पर दो मरीज हैं। हमारा मरीज जमीन पर सो रहा है। डॉक्टर को इस बारे में बताने पर वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्या सरकार सिर्फ पैसा देने के लिए यहां पर है। अगर डॉक्टर मरीज को देख नहीं सकते हैं तो वह उन्हें भर्ती न करें। मरीज को कहीं ओर ले जाने की बात करते हैं। अगर ऐसे जवाब देंगे तो हम कहां जाएंगे। मैं एक नहीं हूं। कई लोगों के साथ ऐसी चीज हो रही हैं। डॉक्टर और नर्स बोलते हैं कि एक बेड पर एडजस्ट करो।
'वार्ड 13 में मां को भर्ती किया गया, पर ठीक से इलाज नहीं मिल रहा'
युवती ने अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर कई वीडियो बनाए हैं। एक वीडियो में युवती और नर्सों के बीच तीखी बहस होती नजर आ रही है। जबकि एक ओर वीडियो में युवती अपनी मां को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात करती दिख रही है। युवती कहती है कि उनकी मां को किडनी और लिवर में संक्रमण की वजह से ऑक्सीजन की दिक्कत है। अस्पताल के एच ब्लॉक के तीसरी मंजिल के वार्ड 13 में मां को भर्ती किया गया था। लेकिन उनका ठीक से इलाज नहीं किया गया।
सौरभ भारद्वाज ने किया वीडियो पोस्ट
वहीं नर्स और युवती के वीडियो को दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी अपने सोशल मीडिया एक्स एकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि दिल्ली के अधिकतर सरकारी अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। दवाइयां नहीं हैं। सर्जरी के लिए समान नहीं है। डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट की भारी कमी है। उधर, सफदरजंग अस्पताल से संबंधित वीडियो को लेकर पक्ष जानने पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।