500 और 1000 रुपये की नोट पर पाबंदी को पांच दिन बीत गए। रविवार को बीते पांच दिनो में सबसे अधिक भीड़ उमड़ी। भीड़ इतनी की बैंकों की व्यवस्था बौनी हो गई। सोमवार को छुट्टी की सूचना होने के कारण बैंकों में पैसा जमा करने, नोट बदलने और निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
दो दिन बाद भी रविवार को एटीएम ने मायूस किया। पैसे नहीं निकले। ऐसे में लोग मायूस होकर बैंकों के कतार में लगे। सिविल लाइन एक्सिस बैंक में मारपीट हो गई तो आईसीआईसीआई बैंक के बाहर महिला गश्त खाकर गिर गई। साइबर सिटी के एटीएम और बैंकों का जायजा लिया अमर उजाला संवाददाता शाहनवाज आलम ने। पेश है रिपोर्ट:
स्थान: सिविल लाइन, सुबह 10.00 बजे
-सिविल लाइन में सात बैंक और उसके एटीएम है। सुबह 08.00 बजे से ही लोग यहां खड़े थे। इनमें महिला, बुजुर्ग और जवान सभी शामिल थे। सभी को बस एक ही फिक्र की आखिर पैसा कब मिलेगा। आईसीआईसीआई बैंक के बाहर तीन घंटे से खड़ी सेक्टर-15 की निधि तनेजा गश खाकर गिर गई। निधि का कहना है कि शनिवार को बैंक आई थी, तब भीड़ की वजह से पैसे नहीं ले पाई। रविवार को दो घंटे लाइन में लगने के बाद भी बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच पाई।
स्थान: लक्ष्मण विहार, सुबह 11.00 बजे:
-आबादी के बीच यहां आस-पास में अलग-अलग बैंकों के लिए आठ एटीएम है, लेकिन एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम को छोड़कर सभी एटीएम के शटर बंद थे। एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में भी पैसे नहीं थे। लोग यहां आ रहे थे, लेकिन मायूसी हाथ लग रही थी। दोपहर 12.00 बजे तक इन एटीएम में पैसे नहीं थे। दोपहर बाद ये एटीएम भी आउट ऑफ सर्विस हो गया।
स्थान: रेलवे रोड, दोपहर 12.00 बजे
-द्रोणाचार्य कॉलेज से सेक्टर-4/7 चौक तक दोनों ओर से 09 बैंक और उसके एटीएम है। सबसे अधिक भीड़ भारतीय स्टेट बैंक पर दिखा। यहां पर अधिक भीड़ होने के कारण मारामारी भी हुई। कई लोग गार्ड से भीड़ गए। लाइन यू-साइज में आ गया। जबकि पीएनबी के एटीएम पर सबसे अधिक भीड़ थी। यहां पर सुबह 09.30 बजे नगदी डाली गई थी, लेकिन 11.00 बजे पूरा पैसा खत्म हो गया। कैनरा बैंक के बाहर एक युवक को आगे जाने के कारण पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह बचाया।
स्थान: प्रधान डाकघर, सदर बाजार, दोपहर 01.00 बजे
-शहर के बीचोंबीच प्रधान डाक घर में भी जनसैलाब दिखा। अंडर से लेकर बाहर तक भीड़ थी। यहां पर खड़े लोगों का कहना है कि रविवार को सुबह 07.00 बजे से खड़े थे। संजय झा कहते हैं पांच घंटे से लाइन में है। धीरे-धीरे गेट तक पहुंचे, तब पैसा खत्म हो गया। दूसरे जगह जा नहीं सकते। वहां फिर लाइन में लगना होगा। इसलिए पैसा आने का इंतजार कर रहे हैं। अब पैसा नहीं मिला तो घर चलाना दिक्कत हो जाएगी।