81 वर्षीय बुजुर्ग बनकर अमेरिका जा रहे 32 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। एजेंट अपने गिरोह के साथ करीब 10 से ज्यादा लोगों को बुजुर्ग बनाकर अमेरिका, दुबई और इंग्लैंड भेज चुका है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) पुलिस ने बुधवार को करोलबाग स्थित उस होटल में दबिश दी, जहां आरोपी युवकों को बुजुर्ग का हुलिया बनाते थे।
पुलिस को होटल से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गोरखधंधे के पीछे अहमदाबाद के एक एजेंट समेत पूरा गिरोह काम कर रहा है। पासपोर्ट विभाग समेत कई विभाग भी जांच की जद में आ गए है। आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस जल्द ही सभी को नोटिस भेजने जा रही है। आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि आईजीआई पुलिस की एक टीम ने बुधवार को करोलबाग स्थित उस होटल में दबिश दी, जहां आरोपी विदेश भेजने वाले युवकों को बुजुर्ग बनाते थे।
होटल प्रशासन ने पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस गोरखधंधे के पीछे एक पूरा गिरोह काम कर रहा है। आरोपी उनके होटल में कई सालों से कमरे बुक कर रहे थे। यहां युवक आते थे और उन्हें बुजुर्ग बनाकर बाहर ले जाया जाता था। होटल प्रशासन ने यह भी बताया कि बुजुर्ग का हुलिया बनाने के लिए मेकअप मैन को विशेष रूप से बुलाया जाता था। पुलिस ने यह पता करने के लिए होटल का रिकार्ड जब्त किया है कि आरोपियों ने कब-कब होटल बुक किए और किन लोगों को बाहर भेजा है।
आईजीआई पुलिस के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी जयेश पटेल ने पूछताछ में बताया है कि उसने अमेरिका भिजवाने के लिए एजेंट से 30 लाख रुपये में सौदा किया था। पेमेंट जयेश के अमेरिका भेजने के बाद होनी थी। इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि जयेश पेटल का पासपोर्ट और वीजा कैसे बन गया, इस बात की जांच की जा रही है। साथ ही वह आव्रजन विभाग से कैसे निकल गया। आईजीआई पुलिस जल्द ही पासपोर्ट विभाग और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच समेत कई विभागों को नोटिस देने जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि जयेश का कालकाजी के पते पर अमरीक सिंह के नाम से बना पासपोर्ट फर्जी है।