कोरोना वायरस के चलते आधे से ज्यादा डॉक्टर व्यस्त होने के बाद भी सफदरजंग अस्पताल में एक घायल को नया जीवन मिल गया। थैली में लेकर आए कटे हाथ को डॉक्टरों ने 10 घंटे तक ऑपरेशन करने के बाद फिर से जोड़ दिया। सड़क दुर्घटना में घायल विकास को आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया था जिसके बाद 10 डॉक्टरों की टीम ने उसका उपचार किया।
24 मार्च को घर लौटते वक्त हुए सड़क दुर्घटना में विकास का हाथ कटकर अलग हो गया था। इस घटना के बाद उसे इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल लाया गया। यहां कोरोना वायरस से लड़ने में जुटी डॉक्टरों की टीम में विकास की सर्जरी करने का फैसला लिया। सर्जरी के लिए 10 डॉक्टरों की टीम बनी और लगातार 10 घंटे तक सर्जरी कर उसके हाथ को फिर से जोड़ दिया।
इस संबंध में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ राकेश कैन ने बताया कि बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ शलभ कुमार के अलावा डॉ कनिका, डॉ आदित्य, डॉ श्रुष्टि सेठ, डॉ अर्चना, डॉ हरि प्रसाद, डॉ अंकित जैन सहित 10 लोगों की टीम बनाई। उन्होंने बताया कि मरीज की जांच के बाद शाम करीब 7 बजे से ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 10 घंटे तक यह ऑपरेशन चला। यह ऑपरेशन पूरी तरह से सफर रहा। विकास का हाथ जुड़ गया है हालांकि यह पहले जैसा सामान्य नहीं होगा। लेकिन विकास को हाथ की कमी महसूस नहीं होगी।
गाजियाबाद से वापस आ रहा था दोस्त
दुर्घटना के बाद विकास के कटे हाथ को थैली में लेकर आये थे। विकास के दोस्त तुषार धवन ने बताया कि 24 मार्च को करीब 2 बजे विकास गाजियाबाद से अपने घर मंडावली के तरफ लौट रहा था। जब वहां मोहन नगर के पास पहुंचा तो एक पुल के पास उसकी बाइक टकरा गई और वह किस वहां में फंस कर कुछ दूर तक रकड़ता हुआ चला गया। विकास के पीछे उसके बैंक के अधिकारी भी आ रहे थे जिन्होंने विकास को सड़क पर पड़ा देखा और उसे व उसके कटे हुए हाथ को थैली में डालकर नजदीक के अस्पताल में ले गए। यहां जांच के बाद अस्पताल ने विकास को सफदरजंग के लिए रेफर कर दिया।