राजधानी में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन कोविड केंद्रों में अभी भी 90 फीसदी से ज्यादा बेड खाली हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि अधिकतर संक्रमित घर पर ही इलाज को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस समय कुल सक्रिय मामलों में से 57% मरीजों का होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोविड केयर केंद्रों में 8779 बेड है। इनमें से 709 बेड पर ही मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हल्के लक्षण वाले अधिकतर संक्रमित घर पर ही इलाज करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस कारण कोविड केयर केंद्रों में बेड खाली है। उधर, कोविड अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है की घर पर इलाज करा रहे कई मरीज गंभीर हालत होने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी जान बचाना मुश्किल हो रहा है।
राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉ. अजीत जैन का कहना है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज लापरवाही बरत रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि वह संक्रमण से आसानी से ठीक हो जाएंगे। बुखार बढ़ने या तबीयत खराब होने पर वे डॉक्टरी सलाह लिए बिना खुद ही दवा ले रहे हैं। हालत गंभीर होने पर ही अस्पताल का रुख कर रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों की जान बचाना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। कई मरीज तो ऐसे थे, जिनकी मौत अस्पताल पहुंचने के 24 घंटे की भीतर ही हो रही है।