दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), वंदना इंटरनेशनल स्कूल, मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल और श्रीराम वर्ल्ड स्कूल को सुबह ई-मेल के जरिए धमकी मिली। उसके बाद स्कूलों की संख्या बढ़ती गई। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि उनके जिले में 13 स्कूलों में बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल मिले थे। उन्होंने बताया कि हालांकि तलाशी अभियान के दौरान किसी भी स्कूल में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि दक्षिण जिले में स्थित 7 स्कूलों को बम से उड़ाने के धमकी भरे मेल मिले। इसमें साकेत के बिड़ला विद्या निकेतन व अमेटी इंटरनेशनल समेत 6 स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सेंट्रल के एक स्कूल और द्वारका के 11 स्कूल शामिल हैं।
धमकी मिलने के बाद सभी स्कूलों में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड समेत कई पुलिस इकाइयों ने कैंपस की तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कहीं से भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला। डीपीएस द्वारका ने बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया और कहा कि छात्र-छात्राओं को तुरंत घर भेजा जा रहा है। बस और वैन से आने-जाने वाले बच्चों की जानकारी अभिभावकों को भेजी जा रही है।
ई-मेल हेडर और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइबर फॉरेंसिक टीमें ई-मेल हेडर और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर रही हैं ताकि संदेश भेजने वाले की पहचान की जा सके। अधिकारियों को शक है कि यह शरारती तत्वों का काम हो सकता है, हालांकि किसी संगठित पैटर्न की संभावना से भी इन्कार नहीं किया गया है।
100 से ज्यादा स्कूलों को मिल चुकी है धमकी
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त के बीच दिल्ली-एनसीआर के करीब 100 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी ही धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) जैसे संस्थान शामिल हैं।
50 से ज्यादा स्कूलों को मिली थी धमकी
जुलाई में चार दिनों में 50 से ज्यादा स्कूलों को बम की झूठी धमकी मिली थी। 17 जुलाई को पुलिस ने एक 12 वर्षीय बच्चे को गिरफ्तार किया था, जिसने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकी ई-मेल भेजा था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अब तक सभी धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हर मामले को पूरी गंभीरता से लिया जाता है।
धमकियां मिलना बेहद चिंताजनक
स्कूलों के एक्शन कमेटी के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने बार-बार मिल रही धमकियों को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा आ रही है और छात्रों व अभिभावकों में डर का माहौल बनता है।