राजधानी में दो सप्ताह से कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या अब बढ़ रही है। अस्पतालों का कहना है कि इस माह मरीजों की संख्या में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें से अधिकतर दिल्ली से बाहर के हैं।
दिल्ली में जुलाई से लेकर 17 अगस्त कर संक्रमण के मरीजों की संख्या कम हो रही थी। इस दौरान अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज भी घटकर ढाई हजार से कम हो गए थे,लेकिन अब यह आंकड़ा
चार हजार के पास पहुंच गया है। अपोलो (सरिता विहार), मैक्स (साकेत), फोर्टिस (शालीमार बाग), सर गंगाराम सिटी और सर गंगाराम कोलमेट (पूसा रोड) जैसे बड़े अस्पतालों कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर राजीव चावला ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 50 फीसदी से ज्यादा मरीज दिल्ली से बाहर के हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। वहां के मरीज इलाज के लिए अस्पताल से संपर्क कर रहे हैं। \
उन्होंने कहा कि राजधानी में अधिकतर मरीजों का होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा है,इसलिए अस्पताल में दिल्ली से बाहर के मरीजों की संख्या ज्यादा है।
मैक्स अस्पताल के डॉक्टर किशोर ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 80 फीसदी से ज्यादा मरीज अन्य राज्यों से हैं। डॉ किशोर ने कहा कि मरीजों की बढ़ने से अब आईसीयू बेढ़ भी भरते जा रहे हैं। आईसीयू में भी धिकतर मरीज उत्तर प्रदेश,हरियाणा और बिहार से हैं।
मृतकों में भी 45 फीसदी दिल्ली से बाहर के
इस माह कोविड अस्पतालों में हुई मौतों में से 45 फीसदी मरीज दिल्ली से बाहर के थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक,अगस्त में कोरोना संक्रमण से 425 मरीजों की मौत हुई है। इसमें से 190 ेन्य राज्यों से आए मरीज थे।