दीपावली के मौके पर पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों में जाने वालों की भीड़ बसों में उमड़ती दिखी। बस के पहुंचते ही आईएसबीटी कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां पर सीट लेने के लिए होड़ मची रही। हालांकि सीट से अधिक किसी भी बस में यात्रियों को सफर करने नहीं दिया गया, बावजूद इसके भीड़ की वजह से कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए इंतजाम नाकाफी दिखे।
आईएसबीटी कश्मीरी गेट से बाहर निकलने पर भी इसमें सवार होने के लिए यात्री दौड़ते दिखे। हालांकि त्योहार के मौके पर अपने घरों के लिए जाने वालों के साथ सामान काफी दिखा, जिन्हें रखने में दिक्कत आई। कुछ यात्री तो इसे साथ लेकर ही बसों में सवार हो गए, लेकिन कंडक्टर ने बाद में सामान रखवाया ताकि यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी न आए।
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिला प्रवेश
कश्मीरी गेट बस अड्डा में प्रवेश करने से पहले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। लेकिन बस अड्डा के अंदर न तो लिफ्ट और न ही कुर्सियों या लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। जिन यात्रियों की तबियत ठीक नहीं थी, उन्हें जांच के लिए भेजा गया और निगेटिव होने पर ही सफर करने दिया गया।
संक्रमण का खतरा बरकरार
इस दौरान कोरोना जांच के लिए लगाए गए टेंट में भी जांच के लिए यात्री पहुंच रहे थे। मोबाइल टीम भी कोरोना जांच के लिए बस अड्डा पर शिविर भी लगा रही है ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। हालांकि जांच टीम के सदस्यों की ओर से भी कई बार नियमों की अनदेखी हो जा रही है, जिससे यात्रियों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। कई बार पॉजीटिव होने पर भी लोगों को एंबुलेंस से भेजने में देरी हो जाती है, इस वजह से संक्रमण की चिंता सता रही है।