बैंकों ही नहीं बल्कि डाकघरों में भी मोटी रकम जमा करने वाले लोग आयकर विभाग की रडार पर हैं। बैंकों की तरह ही डाकघरों ने भी अपने उन सभी खाता धारकों की डिटेल आयकर विभाग को दी हैं, जिन्होंने बड़ी रकम जमा की है।
मुख्य आयकर आयुक्त (नोएडा और गाजियाबाद) मीता नांबियार ने बताया कि लोगों की यह सोच कि बैंकों में ढाई लाख रुपए से लेकर करोड़ों रुपए तक का लेनदेन करने वाले खाता धारकों को ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अघोषित आय की घोषणा करनी हैं गलत है।
यह योजना डाकघरों में रकम जमा करने वाले लोगों पर भी लागू है। डाकघरों में भी बड़ी रकम जमा करने वाले वे लोग, जिन्होंने अघोषित आय की घोषणा नहीं की हैं, उन्हें भी 31 मार्च तक आयकर विभाग में इसकी जानकारी देनी है।
सभी डाकघरों ने अपने ऐसे खाता धारकों की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है। अघोषित आय की घोषणा नहीं करने वालों के खिलाफ एक अप्रैल से सर्च अभियान शुरू किया जाएगा। आयकर, पैनाल्टी आदि मिलाकर 82.5 फीसदी रकम तक की वसूली होगी। बचत खाते में ढाई लाख और चालू खाते में 12.5 लाख रुपए जमा करने वाले बैंक खाता धारकों को पहले ही नोटिस भेजे गए हैं। बैंकों में फिक्स डिपॉजिट भी जांच के दायरे में है।
आयकर विभाग के नाम पर कॉल कर रहे ठगों पर मामला दर्ज
नोएडा एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन मल्हन की शिकायत पर थाना सेक्टर 20 पुलिस ने आयकर विभाग के नाम पर उद्यमियों को कॉल करने वाले दो ठगों पर मामला दर्ज कर लिया है।
एनईए अध्यक्ष ने पुलिस को शिकायत दी थी कि मोबाइल नंबर 8750622547 और 9810901243 से जिसकी ट्रू कॉलर आईडी गवरमेंट पब्लिक सर्विस के नाम से बनाई गई है, उद्यमियों को कभी सौरभ कुमार, किसी को अमित कुमार आदि अपना नाम बदलकर सर्च अभियान की धमकी देते हैं।
बता दें कि पुलिस के अलावा प्रिंसिपल कमिश्नर (आयकर) टी. टोनसिंग प्रसाद को एनईए अध्यक्ष ने शिकायत दी थी कि उद्मियों पर भारी भरकम टैक्स बताकर 31 मार्च से पहले जमा करने को फोन करने वाले कह रहे हैं।
ज्यादा टैक्स से बचाव के लिए बैक डेट में टैक्स जमा करने की बात भी वे कहते हैं। कॉल करने वाले एक अकाउंट नंबर में रुपए जमा करने को कहते हैं। इसके बाद आयकर विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर 2412865 जारी किया है।