एमसीडी के अलावा अन्य विभागों की अनदेखी के कारण करावल नगर, पटपड़गंज, तिगड़ी और डेसू कॉलोनी सागरपुर, महावीर एंक्लेव, खजूरी, पटपड़गंज, मधु विहार, उत्तम नगर, सीतापुरी, नरेला सहित कई जगहों पर नालों की सफाई काम पूरा नहीं हो सका है। इन जगहों पर गाद निकालने के बाद एक बार फिर गंदगी इकट्ठा होने की वजह से नालों के जाम होने के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति एक बार फिर होने का खतरा बरकरार है।
हर साल होते हैं दावे
करावल नगर निवासी संदीप के मुताबिक, हर साल नालों में गंदगी होने की वजह से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। इस बार भी नालों की सफाई के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन बारिश में सच्चाई सामने आ जाएगी। महावीर एंक्लेव निवासी संजीव का कहना है कि हर साल ऐसे ही दावे किए जाते हैं, जबकि धरातल जलमग्न हो जाता है। खजूरी स्थित नाले के बारे में स्थानीय निवासी हरप्रीत ने बताया कि मानसून में इस बार भी जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
50 से अधिक जगहों पर जलभराव का खतरा
पिछले साल मानसून के दौरान 157 जगहों पर जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हुई थी। विभागों का दावा है कि इन्हें दूर कर लिया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि पूरे साल नालों में मलबा और गाद इकट्ठा होने के बाद इन्हें इतनी जल्दी साफ नहीं किया जा सकता है। कई नाले अभी भी ढके हुए हैं, जिन्हें साफ करना तो दूर पानी की निकासी के लिए माकूल इंतजाम नहीं है। बारिश से पहले भी कई सड़कों पर सीवर के मेनहोल के ओवरफ्लो होने की वजह से सड़कों पर गंदे पानी की समस्याएं होती रही हैं। मानसून के दौरान सिविक सेंटर, मिंटो रोड, धौला कुआं समेत 50 से अधिक जगहों पर जलभराव की स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है।