गांव छारौड़ा के ग्रामीण बंदरों के आतंक से काफी परेशान है। यह बंदर आये दिन गांव के ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर देते हैं। जिसकी तरफ जिला प्रशासन का तनिक भी ध्यान नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आंतक से निजात दिलाने की मांग की है।
पंच विनोद, शाहिद, पूर्व सरपंच अब्दुल सत्तार, पूर्व पंच जमालुदीन, शेर मोहम्मद, दीनू, यासीन, मौ0 हाशिम आदि ने बताया कि गांव में बन्दरों का एक बड़ा गिरोह पनपा हुआ है। जो आये दिन छोटे छोटे बच्चों व बड़ो पर हमला कर देते हैं। मौ0 पूर्व पंच मौ0 हाशिम, जमालुदीन व अली मौ0 ने बताया की बंदर उनके परिवार के सदस्यों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके है।
बंदर ग्रामीणों के घरो में अन्दर घुस कर भारी नुकशान पहुंचाते हैं। इनके डर की वजह से महिलाये कपड़ों को बाहर सुखाने में संकोच करती हैं। अगर कुछ महिलायें कपड़ों को जल्दी सुखाने के चक्कर में कपड़ों को घर से बाहर सुखा देती हैं तो बन्दर इन कपड़ों को उठाकर ले जाते हैं और कपड़ों के साथ खिलोटी कर फाड़ देते हैं।
ग्रामीण बन्दरो के आतंक से इतने भयभीत हैं कि वह अपने बच्चों को डर की वजह से मकानों की छतो पर खेलने नहीं देते हैं। बन्दर गांव के दर्जनों ग्रामीणों को अपना शिकार बना चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन समस्या की तरफ ध्यान देकर बंदरों के आतक से निजात दिलाने की मांग की है।