मोरटा गांव में खूंखार बंदर ने बच्चे की गला दबाकर जान लेने की घटना के बाद सिहानी गांव में भी ऐसी ही घटना होते-होते बच गई। प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाले सुमित के पांच साल के बेटे पर बंदरों ने हमला कर दिया। दो बंदरों ने उसका गला दबा लिया।
बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर पिता सुमित ने बंदरों को भगाकर उसकी जान बचाई। इसी दौरान बंदरों ने सुमित के 17 साल के भतीजे पर हमला कर दिया। दहशत से किशोर बेहोश हो गया। करीब एक घंटे बाद उसे होश आया।
सुमित शर्मा के मुताबिक मंगलवार सुबह-सवेरे वह और उसका पांच साल का बेटा वंश छत पर अलग-अलग सोए हुए थे।