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Delhi NCR News: सैटेलाइट तस्वीरों से खेतों की निगरानी, एआई बताएगा फसल और पैदावार

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-आईआईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने तैयार किया खेतों का डेटा मॉडल
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बुवाई-कटाई की तारीख और मौसम के असर का भी लगेगा अनुमान, 388 खेतों के आंकड़ों पर मॉडल तैयार

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक छोटे और बिखरे खेतों में भी फसल की सटीक जानकारी जुटाने में मददगार हो सकती है। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कृषि विशेषज्ञों के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक डेटा मॉडल तैयार किया है। यह खेत के स्तर तक जानकारी जुटाकर बुवाई, कटाई और मौसम के प्रभाव का अनुमान लगाने में मदद करेगा।
शोधकर्ताओं गौरव अरोड़ा, जेवी मीनाक्षी, दीपांशु सैनी और साकेत आनंद ने एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन के संदीप महतो और टी. जयरामन के साथ मिलकर यह शोध किया है। इसमें सैटेलाइट तस्वीरों को खेतों से जुटाए गए वास्तविक आंकड़ों से जोड़ा गया। विकसित ‘सिकल’ डेटासेट में तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा के 388 खेतों से 2,370 मौसमी नमूने शामिल हैं। इसमें 21 तरह की फसलों और करीब 2.09 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया।
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शोध के अनुसार धान की बुवाई की तारीख का अनुमान करीब 2.3 दिन और कटाई का अनुमान करीब नौ दिन की सटीकता से लगाया गया। आगे इसे देश के अन्य हिस्सों और फसलों तक विस्तार देने की योजना है। तकनीक से फसल बीमा, सरकारी खरीद और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी कृषि नीतियों में मदद मिल सकती है। आईआईआईटी दिल्ली एआई4एग्री वेब डैशबोर्ड भी विकसित कर रहा है, जिससे शोधकर्ता और नीति निर्माता खेती से जुड़े विश्लेषण हासिल कर सकेंगे।
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