सब्जी मंडियों में भीड़ को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट है। सभी बड़ी मंडियों में पुलिस तैनात है। यहां पुलिसकर्मी ड्रोन से निगरानी रखने के साथ-साथ सामाजिक दूरी बनवाकर खरीदारी करा रहे हैं। भीतर घुसने से पहले यहां आने वाले लोगों को दिल्ली सरकार की ओर से लगाई गई टनल में सैनेटाइज किया जाता है।
सब्जी मंडियों में भारी भीड़ जुटने और इस दौरान सामाजिक दूरी की अनदेखी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन के लोग निगरानी के साथ-साथ ड्रोन कैमरे से यहां आने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं। कैमरे में जहां भी मंडी में भीड़भाड़ दिखती है, पुलिस वहां पहुंचकर सामाजिक दूरी बनाने के निर्देश देती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी, ओखला मंडी, केशोपुर मंडी, गाजीपुर मंडी, नरेला मंडी, नसीरपुर मंडी सहित छोटी मंडियों के आढ़तियों और व्यापारियों से इस पर विचार-विमर्श किया गया। इन जगहों पर तड़के तीन बजे से पुलिस तैनात कर दी जाती है। खरीदारी के भी पुलिस लाउडस्पीकर से उन्हें लगातार जरूरी दिशा निर्देश देती रहती है।
नजफगढ़ सब्जी मंडी का स्थान बदला
लॉकडाउन के दौरान संक्रमण के खतरे से बचाव और सुरक्षा को देखते हुए नजफगढ़ सब्जी मंडी का स्थान बदल दिया गया है। पहले बहादुरगढ़ स्टैंड पर लगने वाली मंडी को अब बहादुरगढ़ रोड स्थित अनाज मंडी में ले जाया गया है। लॉकडाउन के बाद मंडी को पुरानी जगह भेजने पर विचार होगा। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि मंडी के शिफ्ट होने से उन्हें ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है। उधर, पश्चिमी दिल्ली की नसीरपुर मंडी में शनिवार को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस टीम पहुंची। इसके बाद लोगों ने सामाजिक दूरी बनाई।
आलू-प्याज की कीमतों में इजाफा
गलियों में रेहड़ी पर सब्जियां बेचने वालों का कहना है कि मंडियों में सख्ती होने की वजह से उन्हें कम सब्जियां मिल पा रही हैं। हरी सब्जियां कम होने से आलू और प्याज की कीमतों में भी इजाफा शुरू हो गया है। सब्जी विक्रेता राजेश ने बताया कि नसीरपुर मंडी में सुबह के वक्त उन्हें सब्जियां खरीदने का मौका नहीं मिल रहा है। तीन दिन पहले आलू और प्याज 20 से 25 रुपये किलो बेचे थे, लेकिन शनिवार को रेट 30 रुपये हो गया।