नई दिल्ली। रविंद्र भवन स्थित साहित्य अकादमी के सभागार में कवि मोहन राणा ने सोमवार को काव्य पाठ किया। उनकी कविताओं को सुनकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई जिससे पूरा सभागार गूंज उठा। प्रवासी मंच के तहत आयोजित विशेष कार्यक्रम में मोहन राणा ने अपनी कई कविताएं प्रस्तुत की। इनमें पारगमन, यह जगह काफी है, एक सामान्य दिसंबर का दिन, चार चिड़ी तीन इक्के और एक जोकर शामिल रही। राणा के करीब दस कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। काव्य पाठ के साथ ही चर्चा का भी आयोजन हुआ। इसमें उन्होंने अपनी रचनाओं के बारे कहा कि कविता और शब्द-संवेदना के बीच कवि एक कार्बन कॉपी की तरह है। कविता दो बार अनूदित होती है। पहली बार जब लिखी जाती और दूसरी बार जब उसे पढ़ी जाती है। वहीं, इस कार्यक्रम में राणा के साथ विमलेश कांति वर्मा, नारायण कुमार, अनिल जोशी, विनोद तिवारी, राजकुमार गौतम सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद