नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर में मुजफ्फर अली की निर्देशित फिल्म उमराव जान दिखाई गई। फिल्म को देखकर कुछ दर्शक बहुत भावुक गए। यह फिल्म मिर्जा हादी रुस्वा के 1899 के उर्दू उपन्यास उमराव जान अदा पर आधारित है। यह 19वीं सदी की लखनऊ की कहानी को बयां करती है। फिल्म की मुख्य किरदार अमीरान एक नृत्यांगना और कवयित्री है, जो अपनी कला के लिए जानी जाती है। अमीरान का जीवन बहुत ही संघर्ष भरा रहता है। उसे छोटी सी ही उम्र में अगवा कर वेश्यालय में बेच दिया जाता है। वहीं, फिल्म में उनके जीवन के उतार चढ़ाव, नवाब सुल्तान के साथ मोहब्बत, फैज अली के साथ भागना और अपने अतीत की तलाश को बेहद ही खूबसूरती के साथ दिखाया गया है। यह फिल्म संगीत, शायरी और अदाकारी का बेहतरीन का संगम है, जो इसे भारतीय सिनेमा की एक मील का पत्थर बनाती है। संवाद