झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव नतीजों के संदर्भ में आम आदमी पार्टी का मानना है कि लोकसभा व उसके बाद हुए हरियाणा व महाराष्ट्र चुनाव में चल रही तथाकथित मोदी लहर थम गई है। दिल्ली चुनाव के लिए इसका कोई संदेश नहीं है।
प्रदेश भाजपा को यहां अपने दम पर दिल्ली चुनाव लड़ना होगा। किसी के कंधे पर सवार होकर दिल्ली का चुनाव नहीं जीता जा सकता। हालांकि उसका मानना है कि दिल्ली में भाजपा मजबूत है।
आप के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के ट्रेंड हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव तक बरकरार थे, लेकिन झारखंड और जम्मू कश्मीर के नतीजे बताते हैं कि बची-खुची हवा अब पूरी तरह खत्म हो गई है। भाजपा झारखंड में लोकसभा चुनाव परिणामों के असर को बरकरार नहीं रख सकी।
वहीं, जम्मू कश्मीर में परिणाम अपेक्षा के अनुरूप रहा, लेकिन इसका दिल्ली के लिए कोई विशेष संदेश नहीं है। योगेंद्र यादव ने कहा कि इन परिणामों से साफ है कि राज्यों के चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं। किसी के कंधे पर सवार होकर चुनाव नहीं जीता जा सकता।
‘दिल्ली में माहौल खराब करने की कोशिश’
योगेंद्र यादव ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस के नाम पर 25 दिसंबर को आरएसएस रामलीला मैदान में एक रैली करने जा रहा है। उनके मुताबिक संघ की योजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरित लोगों को पुरस्कृत करने की है।
इसमें संघ और भाजपा के बड़े नेताओं के शामिल होने की सूचना है। यादव का आरोप है कि इससे हमारी शंका की पुष्टि होती है कि भाजपा चुनाव से पहले दिल्ली का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
योगेन्द्र यादव आगे कहते हैं कि 23 दिसंबर को स्वामी श्रद्धानंद की मृत्यु हुई थी, ऐसे में 25 दिसंबर को आयोजन करने का क्या तुक है। बीजेपी इस तरह के कार्यक्रम से राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में है।
इलेक्शन मोड में जाने को तैयार दिल्ली
जम्मू-कश्मीर और झारखंड के चुनाव परिणाम आने के बाद दिल्ली इलेक्शन मोड में जाने को तैयार है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दिल्ली चुनाव अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग बैठक में दिल्ली के अधिकारियों के साथ अभी तक की चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा करेगा। इसी के बाद तय होगा कि चुनाव की घोषणा कब की जाएगी।
दिल्ली में फरवरी में ही सरकार गिरने के बाद से राष्ट्रपति शासन लागू है। इस दौरान सरकार बनाने की कई कोशिशों राजनीतिक दलों की ओर से की गईं लेकिन यह अंजाम तक नहीं पहुंचा। नतीजन बीते अक्तूबर में ही विधानसभा भंग कर दी गई।
हालांकि तब तक झारखंड, जम्मू कश्मीर में चुनाव की घोषणा हो चुकी थी। चुनाव आयोग ने दिल्ली के चुनाव को टाल दिया। अब दोनों ही राज्यों में चुनाव हो चुका है। चूंकि दिल्ली में 16 फरवरी तक ही राष्ट्रपति शासन लागू है तो इससे पहले दिल्ली में चुनाव भी कराना है। इसी को देखते हुए दिल्ली चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक करके आयोग तैयारियों का जायजा लेगा।