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मोदी के मन की बात से फुटबॉल को मिलेगी किक 

Mon, 28 Mar 2016 09:31 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
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नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
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फुटबॉल की दुनिया में धमाल मचाने वाली साइबर सिटी को खोया रुतबा फिर से हासिल हो सकता है। प्रधानमंत्री ने मन की बात में जिस तरह फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने की बात कही है उससे फुटबॉल खिलाड़ी से लेकर कोच और विशेषज्ञ तक काफी उत्साहित हैं।
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उनका कहना है कि मन की बात से फुटबॉल को जबर्दस्त किक मिली है। गुड़गांव में प्रतिभाओं की भरमार है कमी सिर्फ सरकारी बुनियादी सुविधाओं की है। उम्मीद है कि अब यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल अकादमी इस खेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

गुड़गांव कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं का गवाह बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात फुटबॉल को बढ़ावा देने की दिशा में संजीवनी का काम करेगी। शहर के फुटबॉल दिग्गजों का कहना है कि यह बात किसी आम आदमी ने नहीं प्रधानमंत्री ने स्वयं कही है।
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निश्चित रूप से उनके मन में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए कोई योजना जरूर होगी। रविवार को मोदी ने अंडर-17 फीफा वर्ल्डकप का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक बेहतरीन मौका है। क्रिकेट के तर्ज पर फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक संस्थानों, खेल से जुड़ी संस्थाएं और अन्य सामाजिक संस्थाओं को इस खेल से जुड़ी स्पर्धा पैदा करना है।
 
विदेशी कोच तैयार कर रहे हैं पौध...
गुड़गांव की सरजमीं पर सिर्फ देशी ही नहीं विदेशी कोच भी फुटबॉल की नई पौध तैयार करने का काम कर रहे हैं। शहर के सेक्टर-62 स्थित हेरीटेज स्कूल में बर्सिलोना फुटबॉल क्लब के माध्यम से विदेशी कोच लियोनेल मेसी, गेर्राड पिक्च, विक्टर वाल्डेस समेत कई अन्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

यहां करीब 300 खिलाड़ी खेल की बारीकी सीख रहे हैं। इसके अलावा श्रीराम स्कूल डीएलएफ फेज-3 में बेहतरीन कोचिंग का इंतजाम है। जिसका नतीजा है कि यहां के खिलाड़ी नेशनल कैंप में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से आदित्य पट्टानी तजाकिस्तान में होने वाले एशियान फुटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे।

कई गांव फुटबॉल को समर्पित...
गुड़गांव के कई गांव फुटबॉल के प्रति समर्पित हैं। इनमें मुख्य रूप से गढ़ी, हरसरू, भोंडसी और खेड़ला का नाम लिया जाता है। यहां तक कि गढ़ी-हरसरू को फुटबॉल का गोवा कहा जाता है। हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के पूर्व महासचिव सुनील भारद्वाज का कहना है कि इन गांवों में हर घर से फुटबॉल खिलाड़ी हैं।

दर्जनों युवकों को इसी खेल के बल पर सरकारी नौकरी तक मिली है। गांव के बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक में इसका क्रेज है। 15 अगस्त और अन्य दिवस पर बड़े मुकाबले होते हैं। जिसमें कई विदेशी खिलाड़ी हिस्सा लेने आते हैं।
 
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का गवाह...
साइबर सिटी में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का गवाह बन चुका है। यहां वर्ष 2006-07 में संतोष ट्रॉफी का आयोजन हुआ था। 2007 में ब्रिटिश फुटबॉल कोच बॉब हटन की निगरानी में भारतीय फुटबॉल टीम का कैंप आयोजित हुआ था। ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में भारत-ईरान की महिला टीम के बीच दोस्ताना मुकाबला हो चुका है। 
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फुटबॉल को बढ़ावा देने की जो बात कही है वह सराहनीय है। उनकी पहल का सकारात्मक परिणाम जरूर निकलेगा। गुड़गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल अकादमी को लेकर जो पहल शुरू हुई थी इसे आगे बढ़ाने के लिए आला अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।  ...रोशनी देवी (जिला खेल अधिकारी, गुड़गांव)
 
 मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी का फुटबॉल का जिक्र करना और उसको बढ़ावा देने की बात ने खिलाड़ियों को नई ऊर्जा दी है। गुड़गांव में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां गांव से लेकर शहर तक सैकड़ों फुटबॉल खिलाड़ी हैं। जोकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं। कमी केवल सरकारी सुविधाओं की है।...केशव दत्त (फुटबॉल कोच, श्रीराम स्कूल)
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