मोदी-मोदी के नारों से अमेरिका सड़कों पर तो आपने बहुत सुनी होगी पर उनका मोदी साइबर सिटी में इस कदर आयेगा और वहां पर उनको बैठने को नहीं मिलेगा यह किसी सपने में नहीं सोचा होगा।
स्वर्ण जयंती पर जिस स्थान पर 25 वीवीआईपी के बैठने की व्यवस्था की गई थी। उसके ठीक बगल में संघ से जुड़े लोगों का बैठाया गया था। कार्यक्रम में केवल उन्हीें लोगों को तरजीह दी गई थी। जो बड़े नेताओं के करीब रहे। साइबर सिटी का युवा निराश दिखा।
चार-आठ मरला के रहने वाले अमित मनोचा कहते हैं मोदी के कार्यक्रम देखने के लिए पांच दिन से पास तलाश रहे थे मगर उन्हें नहीं मिला। अलग-अलग गेठ से वापस आना पड़ा। राजेन्द्रा पार्क में रहने वाले श्रवण कुमार कहते हैं कि मोदी को सुनने के लिए वह आए थे मगर अंदर जाने का कोई इंतजाम नहीं था।
मल्टीनेशनल कंपनी से जुड़े उत्कर्ष का कहना था कि ऐसे आयोजनों में ऑन लाइन बुंकिग की सुविधा भी होनी चाहिए। कुछ दर तय कर दिया जाता। जिसे बाद में उसके खर्च या रख रखा में भी शामिल किया जा सकता है। जो व्यक्ति सक्षम हैं उन्हें इस तरह के पास लेने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। यदि कार्यक्रम स्थल छोटा था तो उसकी जगह पर लेजर वैली पार्क का चयन किया जाना चाहिए था।