मोदी सरकार में बाबूओं को ही नहीं नेताजी को भी राइट टाइम होना पड़ेगा। उन्हें भी अब पार्टी कार्यालय में सुबह 10 बजे से ड्यूटी बजानी पड़ेगी।
उनके कामकाज की भी समीक्षा होगी। अगर इस समीक्षा में वे फेल रहते हैं तो पार्टी उन्हें पद से हटाने से भी पीछे नहीं हटेगी। देखा जाए तो संघ के अनुशासन वाला नियम नेताजी पर लागू होगा।
आमतौर पर सरकारी नौकरों को ही समय की पाबंदी की शिक्षा दी जाती थी। पीएमओ में भी नौकरशाहों को सुबह नौ बजे पहुंचने की हिदायत मिलती है लेकिन मोदी सरकार में अब नेताओं के लिए भी नियम लागू होगा।
सूना नहीं होगा दरबार
बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक में प्रदेश प्रभारी प्रभात झा व संगठन महामंत्री विजय शर्मा उपस्थिति थे।
इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्टी कार्यालय अब सूना नहीं रहेगा, जितने भी पदाधिकारी है वे समय पर हर रोज पार्टी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। संघ की तरह अनुशासन का पालन होगा।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश के तीनों महामंत्री, उपाध्यक्ष, मीडिया इंचार्ज, मोर्चा अध्यक्ष सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कक्ष में बैठेंगे। दूसरी पाली में पदाधिकारियों का शाम 4 बजे से 6 बजे तक पार्टी कार्यालय में बैठना अनिवार्य होगा।
दी गई सख्त हिदायत
दूसरी तरफ बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जितने भी पार्टी में अहम पद पर नेता हैं उनके काम की समीक्षा की जाएगी। अगर इस समीक्षा में वे खरे नहीं उतरते है तो उन्हें पद मुक्त कर दिया जाएगा।
बैठक में सभी मोर्चाध्यक्षों को भी हिदायत दी गई कि अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक करें और पार्टी के लिए मजबूत जनाधार तैयार करे। ऐसा इसलिए है कि मिशन 2013 जो अधूरा रह गया था उसे 2014 में पूरा किया जा सके।