राजधानी में धूल को नियंत्रित करने के लिए लोधी रोड और द्वारका में आधुनिक ऑटोमैटिक मिस्ट सिस्टम लगाए गए हैं। इनके ड्यूल नोजल 360 डिग्री में अति सूक्ष्म फुहारें छोड़ते हैं, जिससे धूल को दबाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल रही है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को लोधी रोड पर इसका जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शहर के 25 प्रमुख मार्गों और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर ऐसे सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में मदद मिल रही है।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए डेटा-ड्रिवन और तकनीक आधारित समाधान तलाशे हैं। लोधी रोड पर 560 मीटर में 15 पोल लगाए गए हैं। हर पोल पर 30 हाईप्रेशर ब्रास और स्टेनलेस स्टील मिस्टिंग नोजल लगाए गए हैं, जो 40 बार प्रेशर पर 2.8 लीटर प्रति घंटे की दर से पानी की फुहार छोड़ते हैं।
इन्हें 10 एचपी के मिस्टिंग पंप से चलाया जा रहा है, जिसमें एसएस पाइपलाइन, आरओ यूनिट, पीवीसी टैंक, कंट्रोल पैनल और एक पंप रूम शामिल है। लोधी रोड, द्वारका के अलावा अफ्रीका एवेन्यू (850 मीटर, 30 पोल) और शांति पथ (900 मीटर, 30 पोल) पर भी ऐसे ही सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
अगले चरण में दिल्ली में 25 से अधिक प्रमुख सड़कों, भगवान दास रोड, तिलक मार्ग, जाकिर हुसैन मार्ग, शाहजहां रोड, अशोक रोड, हनुमान मंदिर, खान मार्केट पर इन्हें लगाया जाएगा।
सरकार ने तैयार की व्यापक कार्ययोजना
सिरसा ने बताया कि दिल्ली में पूरे साल 1,000 वाटर स्प्रिंकलर, 140 एंटी-स्मॉग गन, 200 मैकेनिकल रोड स्वीपर, 70 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर और 38 वॉटर टैंकर तैनात रहेंगे। जीपीएस, कैमरा सेंसर और सेंट्रल डैशबोर्ड से इनकी निगरानी होगी। 3000 वर्ग मीटर से बड़ी सभी कामर्शियल हाईराइज इमारतों जैसे मॉल्स और होटल की छतों पर एंटी-स्मॉग गन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएंडडी साइट्स की निगरानी के लिए एआई का उपयोग किया जा रहा है।