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आईएमईआई नंबर बदल बेचते थे लूट के मोबाइल, खास तरह का सॉफ्टवेयर करते थे इस्तेमाल

Sat, 03 Aug 2019 09:21 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोबाइल चोर गैंग का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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लूट और चोरी के मोबाइल का आईएमईआई नंबर एक विशेष तरह के सॉफ्टवेयर से बदलकर बेचने वाले गिरोह का मध्य जिला स्पेशल स्टाफ ने भंडाफोड़ किया है। इस संबंध में करावल नगर निवासी संदीप शर्मा उर्फ सोनू (26), पिलखुवा, यूपी निवासी दीपक (28), न्यू सीलमपुर निवासी मोहम्मद समीर (37) और करावल नगर निवासी दीपक चौहान (22) को गिरफ्तार किया गया है। 
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संदीप और दीपक झपटमार हैं, जबकि दीपक व समीर मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलते थे। पुलिस के मुताबिक, बदमाश अब तक कई हजार मोबाइल फोन आईएमईआई नंबर बदलकर बेच चुके हैं। 

इनके पास से 50 मोबाइल, पांच दोपहिया वाहन, दो कंप्यूटर, एक लैपटॉप और विशेष तरह का सॉफ्टवेयर बरामद हुआ है। आईएमईआई नंबर बदलने के लिए कुख्यात बदमाश अकरम के साथ दीपक चौहान काम कर चुका है।
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मध्य जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि शुक्रवार को कुख्यात झपटमार संदीप शर्मा और दीपक के रणजीत सिंह मार्ग पर घूमने की सूचना मिली। 

एसीपी नरेश कुमार, इंस्पेक्टर ललित कुमार, एसआई राजकुमार की टीम ने लाल क्वार्टर्स प्रेस रोड के पास 12:30 बजे काले रंग की बाइक पर आए युवकों की जांच की। इनके पास 20 मोबाइल फोन बरामद हुए। 

बाइक गोकुलपुरी इलाके से चोरी हुई थी। पूछताछ में संदीप और दीपक ने बताया कि मोबाइल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से लूटे व चोरी किए गए हैं। इन्हें वे न्यू सीलमपुर में समीर और करावल नगर में दीपक चौहान को बेच देते हैं। 

पुलिस ने दोनों जगह छापे मारकर समीर व दीपक चौहान को दबोच लिया। इनके पास से कुल 30 मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलकर बेच रहे थे।
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कई हजार मोबाइल बेच चुके हैं

पूछताछ में समीर व दीपक चौहान ने बताया कि मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप व वह विशेष तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। दीपक चौहान ने बताया कि वह पहले अकरम की दुकान पर काम करता था। 

अकरम को आईएमईआई नंबर बदलने में एक्सपर्ट माना जाता है। अकरम फिलहाल फरार है। अकरम की दुकान दीपक चौहान के पास ही थी। दीपक व समीर ने बताया कि वह कई हजार मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलकर बेच चुके हैं।
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