24 नवंबर 2010 की देर रात पांच अपराधी फितरत के लोग दिल्ली की सड़कों पर घूम रहे थे। इन पांचों ने शराब पी रखी थी। सभी हरियाणा के मेवात गांव से थे और इनका मकसद दिल्ली से पालतु जानवरों को चुराना था।
चोरी की फिराक में लगे ये अपराधी एक पिक-अप वैन में सवार थे। कुछ देर चलने के बाद इन्हें अपनी गाड़ी के आगे एक इनोवा कार दिखाई दी। इसमें कुछ लड़कियां बैठी थीं।
लड़कियों को देखते ही शराब में धुत इन बदमाशों ने उस गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। मोतीबाग पहुंचते ही कार रूकी और उसमें से दो लड़कियां उतरीं।
इस वक्त रात के 1:30 बज रहे थे। दोनों लड़कियां अपने घर की ओर जा रही थीं। तभी अचानक उनके आगे पिक-अप वैन रूकी। इसमें से पांच लोग बाहर आए और दोनों लड़कियों को पिक-वैन में खिंचने की कोशिश की।
दोनों ने जब शोर मचाना शुरू किया तो हमलावरों में से एक ने तमंचा निकाला और दोनों को जान से मारने की धमकी देने लगा। इतने में एक लड़की नशे में धुत अपराधियों के चंगुल से बच कर भागने में सफल रही।
सुराग मिलना मुश्किल था
दूसरी लड़की को उन्होंने गाड़ी में खींचा और दिल्ली से बाहर की ओर चल दिए। सुनसान इलाका देख उन्होंने गाड़ी रोकी और एक-एक कर पांचों ने तीस वर्षीय इस लड़की का बलात्कार किया।
इस जघन्यतम अपराध के बाद उन्होंने लड़की के मुंह पर दस-दस के ग्यारह नोट फेंके और बोला ये पकड़ पैसे और आटो करके घर चली जइयो।
असल में यह लड़की बीपीओ में काम कर देर रात घर जा रही थी। इस हादसे ने पूरी दिल्ली को हिला दिया। कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए राजधानी क्षेत्र में काम करने वाले सभी बीपीओ को महिला कर्मियों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए कैब में सुरक्षा व्यवस्था करने का आदेश दिया।
इस घटना के बाद लड़की ने किसी तरह खुद को संभाला और अपने फोन से पुलिस को घटना के बारे में बताया। देर रात हुई इस घटना में सुराग तलाशना पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द था।
नोट ने जोड़ी कड़ी
तभी लड़की ने बताया कि अपराधियों ने उसके मुंह पर कुछ नोट फेंके हैं। इस बात का अंदाजा तो उन पांचों वहशियों को भी नहीं रहा होगा कि उनके फेंके नोट ही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित होंगे।
नोट जिस ढंग से मोड़े गए थे उससे पुलिस को यह अंदाजा हुआ कि ऐसा या तो बस के कंडक्टर करते हैं या टोल काउंटर पर इस तरह से नोट रखे जाते हैं।
टोल के सीसीटीवी में उस गाड़ी का पता चल गया और पुलिस ने जल्द ही उस गाड़ी को तलाश्ा लिया। इसी एक सबूत ने एक-एक कर सभी अपराधियों को पुलिस की गिरफ्त में ला दिया।
इस घटना को धौला कुंआ गैंगरेप के नाम से जाना जाता है। मंगलवार को दिल्ली की जिला अदालत ने इस केस के पांचों अपराधियों को दोषी करार दिया। शुक्रवार को इन्हें सजा सुनाई जाएगी। सजा कम से कम दस साल या अधिक से अधिक उम्रकैद की हो सकती है।