दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ने वाला युवक अपने दोस्तों के साथ हिमाचल के मैक्लॉडगंज के पास त्रिउंड ट्रेकिंग के लिए गया था। इस दौरान वह अपने दोस्तों से बिछड़ गया। रेस्क्यू टीम ने उसे सोमवार को ढूंढ निकाला। छह दिनों तक अपने दोस्तों से अलग होकर जंगली इलाके में अपनी जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष किया। उसके पास खाने-पीने का सामान भी नहीं था।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, उसकी तलाश में स्थानीय ट्रेकर पिछले एक सप्ताह से खोज अभियान चला रहे थे और सोमवार को उन्हें सफलता मिली। डीआईजी संतोष पटियाल ने इस खोजी अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि, 20 वर्षीय हिमांशु आहूजा को जब हमने पाया तो वह त्रिउंड पहाड़ी के ठीक नीचे थे। उनके बायां पांव टूटा हुआ था। हिमांशु दिल्ली के महाराजा अग्रसेन कॉलेज की तरफ से आए 40 छात्र व फैकल्टी के समूह का हिस्सा थे, जो अपनी टीम से बिछड़ गए थे।
डीआईजी ने जानकारी दी कि हिमांशु के ग्रुप ने 19 मार्च को ट्रेकिंग शुरू की थी। वापस लौटते वक्त वह पीछे रह गया और रास्ता भटक गया। जब उसका ग्रुप मैक्लॉडगंज लौटा तो उन्होंने पाया कि हिमांशु उनके साथ नहीं था जिसके बाद उन्होंने उसकी गुमशुदगी की शिकायत कराई। हिमांशु को ढूंढने के लिए पुलिस ने आर्मी और खोजी कुत्तों की मदद ली।