सोशल मीडिया पर गलत संदेश भेजकर लोगों को गुमराह करने से सरकारी स्कूलों पर काफी असर पड़ रहा है। कई सरकारी स्कूलों में तो बच्चे न के बराबर पहुंच रहे हैं, जबकि जो बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं, उनके अभिभावक उनको घर ला रहे हैं। अध्यापकों के समझाने के बाद जो बच्चे स्कूल में शिक्षा ले रहे हैं, उनके अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों को इंजेक्शन लगवाया या फिर गोली दी, तो उनकी खैर नहीं है।
बता दें कि व्हाट्सऐप पर पिछले दो दिनों से कुछ लोगों ने मैसेज भेजे हैं कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को इंजेक्शन लगाने के साथ-साथ ऐसी गोली दी जा रही है, जिससे बच्चे नपुंसक हो रहे हैं। इस संदेश के आने एवं इसका भ्रामक प्रचार होने का असर सबसे ज्यादा सरकारी स्कूलों पर हो रहा है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढोंढ खुर्द के हेड टीचर सलीम खां ने बताया कि दो दिन से सिलसिला जारी है कि बच्चों के अभिभावक आते हैं और बच्चों को अपने साथ ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिंता का विषय है कि जो लोग भ्रामक प्रचार करके क्षेत्र के लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन को कड़े कदम उठाकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा बहुत कम संख्या में ही स्कूल में बच्चे आ रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाढोली के हेड टीचर राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने काफी कोशिश की है कि बच्चों के अभिभावकों को समझाने की। कुछ तो समझ गए, जबकि अधिकांश अपने बच्चों को स्कूल से घर ले गए। जो स्कूल में हैं उनके अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों को किसी डॉक्टर से इंजेक्शन लगवाया या फिर गोली दिलवाई, तो आप लोगों की खैर नहीं है। एक प्राइवेट स्कूल के संचालक बिहारी लाल ने बताया कि उनके स्कूल में भी अभिभावक अपने बच्चों को घर ले जा रहे हैं। काफी समझाने के बाद भी वे नहीं मान रहे हैं।
जो भी लोग इस तरह का सोशल मीडिया पर गलत प्रचार करके क्षेत्र के भोलेभाले लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के लोग इस तरह के गलत संदेशों को नजरअंदाज करके अपने बच्चों को स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजें। गलत संदेश भेजने वालों के नाम व फोन नंबर प्रशासन को दें, ताकि ऐसे लोगों पर तुरंत शिकंजा कसा जा सके।
-अनीश यादव, एसडीएम, फिरोजपुर झिरका