जिला अस्पताल में बिना उच्चाधिकारियों के निर्देश के मरीजों की सुनवाई नहीं होती। मरीज भले ही कराह रहा हो पर निचले स्तर के स्टाफ उसकी सुनवाई नहीं करते। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को महिला वार्ड में देखने को मिला।
होडल निवासी माया की डिलीवरी स्थानीय अस्पताल में सोमवार की शाम करीब सात बजे हुई थी। बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव थी। वहां के अस्पताल में टीके की सुविधा न होने के कारण उसे पलवल के सामान्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
एक महिला के साथ माया मंगलवार को दिन के करीब दो बजे सामान्य अस्पताल पहुंच गई। लेकिन यहां डॉक्टरों के अभाव और स्टोर बंद होने के कारण उसे टीका नहीं लगाया गया। महिला वार्ड में मौजूद नर्स ने बताया कि अब स्टोर नहीं खुल सकता। उसे तो अगले दिन ही टीका पड़ेगा।