पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 13 जून को राजौरी गार्डन थाना पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार दो बदमाश टैगोर गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे एक परिवार के एक साल के बच्चे को अगवा कर लिया है। मौके पर पुलिस को बच्चे की मां पूनम मिली। उसने कहा कि वह सड़क पर सामान बेचने का काम करती है। वह अपने छोटे बेटे के साथ सो रही थी, तभी बाइक सवार दो युवक उसकी बाहों से बच्चे को छीनकर भाग गए। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जिला की नारकोटिक्स सेल के निरीक्षक अनुज यादव के नेतृत्व में टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें बाइक पर दो युवक बच्चे को लेकर भागते हुए दिखे, लेकिन बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं था। पुलिस को बाइक का आधा नंबर मिला।
इसके जरिए पुलिस ने उस नंबर से मिलती जुलती करीब तीन सौ बाइक की जांच कर मुख्य आरोपी नरेला निवासी मनीष कुमार गुप्ता (27) की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि अपने हेल्पर गोंडा निवासी मोहित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इनसे पूछताछ में पता चला कि बच्चे को इन लोगों ने शोभा नाम की महिला को बेच दिया है। जो बच्चे को लेकर सीतामढ़ी बिहार चली गई है। पुलिस की एक टीम ने सीतामढ़ी जाकर शोभा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
आरोपी महिला नहीं बन पा रही थी मां, तीन लाख में बच्चा खरीदने का सौदा किया
जांच के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि 40 साल की शोभा शादी के कई साल बाद भी मां नहीं बन पाई थी। वह एक बच्चे को गोद लेना चाहती थी। वह अपने पति शिव शंकर पंडित के साथ नरेला में रहती थीष उसका पति इलाके में स्थित एक गत्ते की फैक्टरी में काम करता था। कारपेंटर का काम करने वाले आरोपी मनीष कुमार गुप्ता का नरेला में ससुराल है। वह अपने ससुराल में रहता है।
बातचीत के दौरान शोभा के बारे में पता चला। उसने शोभा को बताया कि उसे बच्चा मिल जाएगा। लेकिन उसने इसके एवज में तीन लाख रुपये की मांग की। मनीष ने उसे 13 जून को बच्चा मिलने और उसे लेकर गांव जाने की बात कही। आरोपी अपने साथ हेल्पर का काम करने वाले मोहित को इसके लिए राजी कर लिया। पहले से रेकी कर चुके मनीष ने बच्चे को अगवा करने के बाद उसे लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। जहां उसने बच्चे को शोभा को सौंप दिया। शोभा ने उसे एक लाख रुपये दे दिए। शोभा बच्चे को लेकर सीतामढ़ी बिहार चली गई।