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सावधान! किराएदार के रुप में घूम रहे बदमाश, ऐसे कर रहे लूटपाट

Wed, 11 Jul 2018 10:54 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, नोएडा
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शहर में किराये का मकान व कमरा लेने के बहाने घर में घुसकर लूटपाट और चोरी के आरोप में एक महिला समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सिद्धार्थ, रोहित और बदायूं निवासी निशी सिंह के पास से दो तमंचे और 20 हजार नकद समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं। जबकि उनका एक साथी अमित फरार है। लोगों की नजरों से बचने के लिए गिरोह के सदस्य सेक्टर-46 में आलीशान कोठी में रहते थे। 

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पुलिस क्षेत्राधिकारी तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि सेक्टर-49 में रेनू सिन्हा बेटे के साथ रहती हैं। उनका बेटा बीमार है। करीब 20 दिन पहले एक महिला और दो लोग किराये के लिए कमरा तलाश रहे थे। वह घर आकर महिला का मोबाइल नंबर ले गए थे। उसके 2-3 दिन बाद ही महिला ने फोन कर कहा कि उनके पति व देवर किराये का एडवांस देने आएंगे।

कुछ देर बाद ही दो लोग महिला के घर पहुंचे और वहां पर हथियारों के बल पर रेनू सिन्हा को अपने कब्जे में कर लिया। घर में रखे करीब दो लाख रुपये के जेवर और 80 हजार रुपये नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सीओ ने बताया कि जांच के दौरान सेक्टर-47 कट के पास से महिला समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया गया। पूछताछ में तीनों ने महिला के घर में लूटपाट समेत कई अन्य वारदात की बात कबूल की। सीओ ने बताया कि सिद्धार्थ और अन्य साथी मिलकर लूटपाट करते रहे हैं। सीओ ने बताया कि निशी सिद्धार्थ के साथ लिव-इन में रहती थी और कुछ दिन पहले ही अपने बेटे को भी गांव भेज दिया था।

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पुलिस के मुताबिक लूटपाट की वारदात में शामिल होने की किसी को जानकारी न हो, इसके लिए गिरोह के सदस्य सेक्टर-46 में किराये पर आलीशान कोठी में रहते थे। इससे उन्हें वारदात को अंजाम देने के बाद छिपने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता था। साथ ही वह पुलिस की नजर से भी बचे रहते थे। पुलिस अब मकान-मालिक से भी पूछताछ कर रही है कि किराये पर मकान देने से पहले उसने सत्यापन कराया था या नहीं।

बुजुर्ग और महिलाओं को तलाशता था गैंग
पति से तलाक लेने के बाद आर्थिक रूप से टूट जाने के बाद निशी ने अपराध का रास्ता अपनाया। निशी किराये के लिए मकान-कमरा तलाश करने के बहाने से सेक्टरों में घूमती और बुजुर्ग दंपती और महिलाओं की स्वामित्व वाले घरों की तलाश करती थी।

महिला होने के नाते उस पर किसी को शक भी नहीं होता था। वारदात को अंजाम देने से पहले गिरोह के सदस्य निशी को ही घर में भेजते थे। जैसे ही घर का दरवाजा खुलता था, उसी वक्त बदमाश भी हथियार के बल पर परिवार को बंधक बना लेते थे। 
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