बड़ी बिल्डर कंपनियों को पोकलेन मशीन ठेके पर देने वाले ठेकेदार बिजेंद्र सिंह चौहान ने अपने घर में लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर बिजेंद्र का करीब 40 लाख रुपया बकाया है।
यह रकम मांगने पर कंपनी मालिक प्रदीप गर्ग ने उसे अभद्रता करते हुए धक्के देकर आफिस से बाहर निकाल दिया था। इससे आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार बिजेंद्र चौहान की पत्नी कृष्णा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह नहाने गई थी। थोड़ी देर बाद लौटी तो उसके पति नहीं दिखे। उसने पति घर और बाहर पार्क में उन्हें तलाशा, लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद उसने अपने किराएदार करनसिंह के साथ तलाश शुरू की।
मकान में पीछे की तरफ स्थित एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इसे तोड़ा गया तो अंदर कुर्सी पर बैठी हालत में उसके पति का लहूलुहान शव पड़ा था। पास ही उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। सूचना पर सेक्टर आठ पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मामले की जांच कर रहे सेक्टर आठ चौकी के एएसआई प्रदीप मोर ने बताया कि ठेकेदार के माथे पर बीच में गोली लगी है। आरोपी प्रदीप गर्ग पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।